राजस्थान

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर चिंतित

हिन्दुस्तान पत्रिका/जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट

===============================================

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा संवैधानिक नैतिकता की संकल्पना अपनाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अगर शीर्ष अदालत की एक बेंच दो तरह की बातें करे, एक में अनुमति दी जाए है जबकि दूसरी में नहीं तो यह खतरनाक है। वे सबरीमाला मुद्दे पर 28 सितंबर को दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोल रहे थे।

वेणुगोपाल शनिवार को यहां जे दादाचनजी स्मारक संवाद में लोगों काे संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सबरीमाला मामले में जस्टिस इंदू मल्होत्रा के फैसले को सूझबूझ वाला बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘सबरीमला मामले में जस्टिस इंदू मल्होत्रा ने संवैधानिक नैतिकता को माना और कहा कि हर व्यक्ति को अपने धर्म के पालन का अधिकार है और कोई इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता, अदालतें धर्म के मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकतीं।’'

तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली पांच जजों की बेंच ने 28 सितंबर को सबरीमाला मंदिर मामले में 4:1 से फैसला दिया था। इसमें सभी उम्र की महिलाओं को इस मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी।

अटॉर्नी जनरल ने कहा, ‘‘मैं यह सब इस डर के कारण कह रहा हूं कि संवैधानिक नैतिकता की इस नई संकल्पना का अब कानूनों को जांचने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा सकता है।’’

Written By

DESK HP NEWS

Hp News

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
आरसीए से पाकिस्तान क्रिकेटरों की तस्वीरें हटाई | जयपुर में आज पेट्रोल हुआ 6 पैसा महंगा | गुर्जर आंदोलन नौवें दिन हुआ समाप्त,कर्नल बैंसला ने मसौदे पर हस्ताक्षर किए | आरक्षण के लिए गुर्जरों का शांतिपूर्ण विरोध जारी | जयपुर: जावेड़कर ने कहा माल्या-नीरव-चौकसी को मिशेल की तरह वापस भारत लाया जायेगा | राजस्थान: प्रकाश जावेड़कर बोले राजस्थान में कांग्रेस के तीन टारगेट तीनो में ही फ़ैल | राजस्थान: जयपुर में देर रात जमकर बरसे बादल, सर्दी बड़ी, लगभग चार डिग्री तक गिरा पारा | राजस्थान विधानसभा: पुरानी पेंशन योजना और शीतलहर से नुकसान का मुद्दा उठा, पहला बिल रखेंगे सचिन | चीनी अर्थव्यस्था में आयी सुस्ती, 28 साल के निचले स्तर पर गिरी जीडीपी | लेदर एक्सपोर्ट बॉडी ने की मांग, चप्पल और जूतों पर घटाई जाए GST की दर |