जिला प्रशासन को दी चेतावनी – 'अगर समस्या हल नहीं हुई, तो होगा बड़ा आंदोलन'
कडूकि गांव में पानी की गंभीर किल्लत से परेशान महिलाओं ने मंगलवार को मिनी सचिवालय में प्रदर्शन किया। हाथों में मटके लेकर पहुंची इन महिलाओं ने अधिकारियों पर अनदेखी के आरोप लगाए और कहा कि जहां अफसर मिनरल वाटर पी रहे हैं, वहीं गांववाले गंदा और जानवरों के इस्तेमाल किया हुआ पानी पीने को मजबूर हैं। महिलाओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करेंगी।
गांव की निवासी रामवती देवी ने बताया कि गांव में स्वच्छ पेयजल की भारी किल्लत है। हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीणों को तीन से पांच किलोमीटर दूर हाईवे तक जाकर पानी लाना पड़ता है। कई बार टैंकर ठेकेदार उन्हें भगा देते हैं, जिससे मजबूरी में गंदा और कीड़ों वाला पानी पीना पड़ता है, जिससे छोटे बच्चे बीमार हो रहे हैं।
समाजसेवी फकरुदीन के अनुसार, ग्राम पंचायत ठेकड़ा के कडूकि गांव में कई वर्षों से पानी की समस्या बनी हुई है और पिछले दो सालों में यह और विकराल हो गई है। जल जीवन मिशन के तहत गांव में एक बोरिंग तो हुई, लेकिन न तो पाइपलाइन डाली गई और न ही बोर चालू किया गया। ग्रामीण कई बार प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द से जल्द उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगी। हालांकि, प्रशासन के समझाने पर फिलहाल महिलाएं लौट गईं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का हल नहीं निकला, तो वे बड़ा आंदोलन छेड़ेंगी, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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