जनजातीय क्षेत्रों के विकास को नई गति, 196.39 करोड़ रुपये के वार्षिक प्रस्तावों को मिली मंजूरी

जयपुर। राजस्थान के जनजातीय बहुल और दूरस्थ क्षेत्रों के समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से बुधवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 196.39 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति, फील्ड निरीक्षण और भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

नवाचारों की सफलता पर बनेगी डॉक्यूमेंट्री

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अनुच्छेद 275(1) के तहत संचालित नवाचारी परियोजनाओं, जैसे ड्रोन लॉजिस्टिक्स, सैटेलाइट ट्राइबल हेल्थ रिसोर्स सेंटर, सेक्स-सॉर्टेड सीमन तकनीक और एसटीईएम लैब्स जैसी सफल पहलों पर एक उच्च गुणवत्ता की डॉक्यूमेंट्री फिल्म तैयार की जाए, ताकि इन मॉडल परियोजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके।

केंद्र सरकार की गाइडलाइंस को मिलेगी प्राथमिकता

बैठक में तय किया गया कि आगामी वित्तीय प्रस्ताव तैयार करते समय जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों तथा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और प्रधानमंत्री जनमन कार्यक्रम के सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी।

फील्ड विजिट से होगी गुणवत्ता की निगरानी

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे केवल कागजी रिपोर्टों पर निर्भर न रहें, बल्कि एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूलों, आश्रम छात्रावासों, माँ बाड़ी केंद्रों और निर्माणाधीन परियोजनाओं का नियमित औचक निरीक्षण कर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें।

दूरस्थ जनजातीय क्षेत्रों पर रहेगा विशेष फोकस

बैठक में निर्णय लिया गया कि विकास योजनाओं में दूरस्थ जनजातीय बस्तियों, विशेष रूप से विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह (PVTG) वाले क्षेत्रों और दुर्गम ग्रामीण इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

इन योजनाओं को मिली मंजूरी

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत प्रस्तावों में 28 कम्युनिटी क्रैच, 1,820 युवाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण, 500 जनजातीय परिवारों के लिए एकीकृत कृषि मॉडल, 26 आवासीय विद्यालयों में एसटीईएम लैब्स, 395 माँ बाड़ी केंद्रों के पक्के भवन, कोटड़ा (उदयपुर) में ट्राइबल गेस्ट हाउस एवं हाट बाजार तथा 333 सड़क एवं पुलिया निर्माण कार्य शामिल हैं।

बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समुदाय के शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा इन निर्णयों से जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई तस्वीर देखने को मिलेगी।

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