'शिवाजी महाराज से सिर झुकाकर माफी मांगता हूं', मूर्ति गिरने की घटना पर बोले पीएम मोदी

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के पालघर में शुक्रवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए 26 अगस्त को महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने की घटना के लिए माफी मांगी.

उन्होंने मालवन में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति गिरने की घटना कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज हमारे लिए सिर्फ एक नाम नहीं हैं.आज मैं अपने भगवान छत्रपति शिवाजी महाराज से सिर झुकाकर माफी मांगता हूं. हमारे संस्कार अलग हैं, हम वे लोग नहीं हैं जो भारत माता के महान सपूत, इस धरती के सपूत वीर सावरकर को गाली देते रहें और उनका अपमान करते रहें."

देवताओं से बड़ा कुछ नहीं'
उन्होंने कहा कि जो लोग छत्रपति शिवाजी महाराज को अपना देवता मानते हैं और उन्हें गहरी ठेस पहुंची है, मैं उनसे सिर झुकाकर माफी मांगता हूं. हमारे मूल्य अलग हैं. हमारे लिए हमारे देवता से बड़ा कुछ नहीं है.

महाराष्ट्र के लिए लगातार बड़े फैसले
पालघर में जनता को संबोधित करते हुए पीएम मोदी कहा कि आज भारत की विकास यात्रा के लिए बहुत बड़ा दिन है. विकसित महाराष्ट्र, विकसित भारत के संकल्प का सबसे अहम हिस्सा है. इसलिए, चाहे पिछले10 साल हों या फिर अब मेरी सरकार का तीसरा कार्यकाल, महाराष्ट्र के लिए लगातार बड़े फैसले लिए गए हैं.

उन्होंने कहा कि वधावन पोर्ट के उदघाट्न के बाद कहा कि महाराष्ट्र के पास विकास के लिए जरूरी शक्ति और संसाधन मौजूद हैं. आज वधावन पोर्ट की आधारशिला रखी गई है और इस पर 76,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. ये देश का सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट होगा.

भारत के समुद्री तटों का विकास
पीएम मोदी ने आगे कहा, "पिछले एक दशक में भारत के समुद्री तटों पर विकास ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है, हमने बंदरगाहों का आधुनिकीकरण किया है, जलमार्गों का विकास किया है. इस दिशा में लाखों-करोड़ों रुपये का निवेश किया गया है. निजी निवेश भी बढ़ा है... हमारे युवाओं को इसका लाभ मिल रहा है, उन्हें नए अवसर मिल रहे हैं. आज पूरी दुनिया की नजर वधावन बंदरगाह पर है...इससे इस पूरे क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल जाएगी."

ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2024 को भी किया था संबोधित
इससे पहले पीएम मोदी ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2024 को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकार वित्तीय प्रौद्योगिकी (फिनटेक) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत स्तर पर विभिन्न कदम उठा रही है.

पीएम मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र में पिछले 10 वर्षों में 31 अरब डॉलर से अधिक का निवेश हुआ है. एंजल टैक्स को समाप्त करना भी इस क्षेत्र की वृद्धि की दिशा में एक कदम है. एंजल कर (30 प्रतिशत से अधिक की दर से आयकर) का मतलब वह आयकर है जो सरकार गैर-सूचीबद्ध कंपनियों या स्टार्टअप द्वारा जुटाई गई धनराशि पर लगाती है…यदि उनका मूल्यांकन कंपनी के उचित बाजार मूल्य से अधिक है.

प्रधानमंत्री ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2024 को संबोधित करते हुए नियामकों से साइबर धोखाधड़ी रोकने और लोगों की डिजिटल समझ बढ़ाने के लिए और कदम उठाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि वित्तीय सेवाओं के लोकतंत्रीकरण में वित्तीय प्रौद्योगिकी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

 

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