करौली : जिले की साइबर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए गुजरात के राजकोट से एक महिला समेत तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पीड़ित को पुलिस और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर करीब सात लाख रुपये की ठगी की थी। पुलिस ने डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए इनकी लोकेशन ट्रेस कर राजकोट से गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का भी पता लगाया जा सके।
करौली साइबर थाना अधिकारी हरिराम मीणा के अनुसार, आरोपियों ने करौली जिला मुख्यालय निवासी पीड़ित को बैंकिंग लेन-देन में गड़बड़ी का हवाला देकर डराया। फिर उन्होंने Skype ऐप के जरिए "डिजिटल अरेस्ट" का झांसा देकर ठगी की योजना बनाई।
डर के कारण पीड़ित ने पहले करौली से पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश की, लेकिन ट्रांजेक्शन नहीं हुआ। इसके बाद वह जयपुर गया और अपने बैंक से आरोपियों के खाते में कुल 6,98,476 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
1️⃣ मुस्कान हालेपोट्रा मुनाफ भाई (24 वर्ष, महिला)
2️⃣ आदिल आसिफ भाई हुनानी (28 वर्ष)
3️⃣ दिलीप भाई चोटालिया (22 वर्ष)
तीनों आरोपियों को गुजरात के राजकोट से गिरफ्तार किया गया। इनमें से महिला आरोपी मुस्कान हालेपोट्रा पर पहले से 2000 रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस ने डिजिटल तरीकों का इस्तेमाल कर आरोपियों को पकड़ने के लिए लोकेशन ट्रेसिंग, बैंक ट्रांजेक्शन मॉनिटरिंग और साइबर एक्सपर्ट्स की मदद ली। पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
साइबर थाना अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों के साथ और कौन-कौन शामिल है, इसकी भी जांच जारी है।
किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या ईमेल में अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
Skype या किसी अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर "डिजिटल अरेस्ट" जैसी अफवाहों पर विश्वास न करें।
अगर कोई पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर पैसे मांगता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
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