Waqf Amendment Bill 2025: लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संसद पहुंचे, जिससे इस बिल को लेकर हलचल और तेज हो गई। इस बीच, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने इस मुद्दे पर बड़ा बयान दिया।
जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान प्रेमचंद बैरवा ने कहा,
"विपक्षी दल सिर्फ लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं। यह बिल किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि हर धर्म और समाज के हित में है। प्रधानमंत्री मोदी सभी धर्मों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष बिना किसी आधार के डर का माहौल बना रहा है।"
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस बिल पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा,
"हम सोच-समझकर देशहित में बिल ला रहे हैं। विपक्ष को इसका समर्थन करना चाहिए, लेकिन हमें पता है कि विपक्ष हंगामा करेगा।"
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के प्रमुख मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने बिल का समर्थन करते हुए कहा,
"इस बिल से मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि उन्हें फायदा होगा। कुछ राजनीतिक दल इस पर गुमराह कर रहे हैं, लेकिन हमें उम्मीद है कि बिल बिना किसी व्यवधान के पास हो जाएगा।"
ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने भी इस बिल का स्वागत किया और कहा,
"इससे वक्फ संपत्तियों की लूट रुकेगी और गरीब मुसलमानों को सीधा लाभ मिलेगा।"
बिल का विरोध कर रहे लोगों पर चिश्ती ने कहा,
"लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का हक है। लेकिन कुछ लोग बेवजह डर फैला रहे हैं। यह कहना गलत है कि दरगाहों, खानकाहों या धार्मिक संपत्तियों पर असर पड़ेगा। मैं सरकार के आधिकारिक बयान पर पूरा भरोसा करता हूं।"
अब बड़ा सवाल यह है कि विपक्ष के विरोध के बावजूद क्या यह बिल आसानी से पास हो जाएगा?
सरकार का दावा है कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के सही प्रबंधन के लिए जरूरी है।
विपक्ष इसे धार्मिक आधार पर विवादित बताने की कोशिश कर रहा है।
क्या संसद में इस पर शांतिपूर्ण बहस होगी, या फिर हंगामा होगा?
आने वाले दिनों में इस पर सियासत और गरमाने वाली है!
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