जयपुर, राजस्थान — जयपुर के झोटवाड़ा इलाके में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए Amazon वेयरहाउस से 2678 प्रोडक्ट्स जब्त किए, जिनकी कुल कीमत 1 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। ये उत्पाद बिना आवश्यक ISI मार्क या BIS रजिस्ट्रेशन मार्क के स्टोर किए गए थे, जो कि BIS अधिनियम 2016 का उल्लंघन है।
BIS की टीम द्वारा ज़ब्त किए गए उत्पादों में शामिल हैं:
खिलौने
मोबाइल फोन
वायरलेस हेडफोन
बेबी डाइपर
गीजर, मिक्सर ग्राइंडर, हेयर ड्रायर
वैक्यूम क्लीनर, इलेक्ट्रिक कॉफी मेकर
आरओ वॉटर प्यूरीफायर, स्टील बर्तन
सेनेटरी नैपकिन
इन सभी रोज़मर्रा के इस्तेमाल में आने वाले प्रोडक्ट्स में ISI प्रमाणन की कमी पाई गई।
यह छापेमारी BIS Act 2016 की धारा 29 के अंतर्गत की गई।
इस कानून के तहत:
पहली बार उल्लंघन पर: ₹2 लाख तक का जुर्माना
बार-बार उल्लंघन पर: ₹5 लाख तक का जुर्माना या 2 साल तक की जेल
BIS प्रमाणन उन प्रोडक्ट्स के लिए अनिवार्य होता है जो गुणवत्ता, सुरक्षा और उपभोक्ता स्वास्थ्य से जुड़े होते हैं।
छापे के दौरान पाया गया कि वेयरहाउस में 200 से ज्यादा कैटेगरी के उत्पाद बिना किसी प्रमाणन के स्टोर किए गए थे।
यह बात सरकार की अनिवार्य प्रमाणन योजना का उल्लंघन करती है, जिससे लाखों ग्राहकों की सुरक्षा और भरोसे पर प्रश्नचिन्ह लगता है।
BIS अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में "जीरो टॉलरेंस पॉलिसी" अपनाई जाएगी।
वेबसाइट और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को चेतावनी दी गई है कि वे बिना ISI/BIS मार्क वाले प्रोडक्ट्स की बिक्री या स्टोरेज से बचें।
यह छापेमारी ना सिर्फ Amazon जैसे ई-कॉमर्स दिग्गज के लिए चेतावनी है, बल्कि यह आम उपभोक्ताओं के लिए भी एक जागरूकता का संकेत है कि वे उत्पाद खरीदते समय ISI मार्क या BIS रजिस्ट्रेशन अवश्य जांचें।
सरकार की यह सख्ती मानक गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।
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