Rajasthan Assembly: राजस्थान विधानसभा में हंगामा: कांग्रेस का बहिष्कार, बिना विपक्ष चलेगा सदन

राजस्थान विधानसभा : में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर की गई टिप्पणी के बाद मचा बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। सत्ता पक्ष, स्पीकर और कांग्रेस विधायकों के बीच गतिरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने अपने प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित 6 विधायकों के निलंबन की बहाली की मांग को लेकर विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया है। ऐसे में आज बिना विपक्ष के ही विधानसभा की कार्यवाही संचालित होगी। यह पहली बार है जब राजस्थान विधानसभा में विपक्ष की गैरमौजूदगी में सदन चलेगा।

निलंबन बहाली पर नहीं बनी सहमति

शुक्रवार को शुरू हुए इस विवाद में सरकार के मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा प्रश्नकाल के दौरान इंदिरा गांधी पर टिप्पणी की गई थी, जिस पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई और स्पीकर से इस टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से निकालने की मांग की। इसको लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत 6 विधायकों को स्पीकर वासुदेव देवनानी ने निलंबित कर दिया।

निलंबन के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने सदन में धरना दिया और सोमवार शाम विधानसभा से वॉकआउट कर दिया। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक निलंबित विधायकों की बहाली नहीं होगी, तब तक कांग्रेस का कोई भी विधायक सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेगा।

सत्ता पक्ष का रुख और बढ़ी सुरक्षा

विधानसभा में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो, इसके लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सत्ता पक्ष का कहना है कि विपक्ष अगर अड़ा रहता है, तो उसके बिना ही सदन की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाएगा। संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने गोविंद सिंह डोटासरा पर आरोप लगाया कि वे सदन को हाईजैक करने की कोशिश कर रहे हैं।

'पहले माफी कौन मांगे' पर अटका गतिरोध

सोमवार को जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तो स्पीकर ने डोटासरा को विशेष अनुमति देते हुए खेद प्रकट करने को कहा, लेकिन डोटासरा ने यह शर्त रखी कि पहले मंत्री अविनाश गहलोत माफी मांगें। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह गतिरोध लगातार बना हुआ है, जिससे समाधान की कोई राह नहीं निकल पा रही है।

कांग्रेस का विरोध और भविष्य की रणनीति

विधानसभा के प्रवेश द्वार पर कांग्रेस विधायकों और सुरक्षाकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जहां कांग्रेस विधायक अपने निलंबित साथियों के साथ सदन में प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे नेताओं ने सदन में खेद प्रकट कर दिया था, लेकिन सत्ता पक्ष की ओर से कोई पहल नहीं की गई। वहीं, गोविंद सिंह डोटासरा ने सत्ता पक्ष पर जानबूझकर गतिरोध बनाए रखने का आरोप लगाया और कहा कि मंत्री को अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए।

क्या निकलेगा समाधान?

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बातचीत पूरी तरह से ठप हो चुकी है, जिससे अब यह सवाल उठता है कि यह गतिरोध कैसे समाप्त होगा। कांग्रेस अपने रुख पर अड़ी हुई है, जबकि सत्ता पक्ष भी झुकने के मूड में नहीं है। ऐसे में राजस्थान विधानसभा में विपक्ष की गैरमौजूदगी में कार्यवाही होना एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व घटना होगी।

 

Written By

Monika Sharma

Desk Reporter

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