सीहोर : जिले के रेहटी में दो साल पुराने सनसनीखेज दुष्कर्म मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश अभिलाष जैन की अदालत ने आरोपी विपिन ठाकुर (19) को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि दूसरे आरोपी सीताराम को डीएनए साक्ष्य नहीं मिलने के कारण बरी कर दिया गया।
पीड़िता ने 15 मार्च 2023 को अपने माता-पिता के साथ रेहटी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि जब वह खेत से लौट रही थी, तभी आरोपी विपिन और सीताराम ने उसे पकड़कर जंगल में ले जाकर दुष्कर्म किया। घटना के बाद दोनों आरोपी उसे बेहोशी की हालत में छोड़कर भाग गए। अगले दिन होश में आने के बाद पीड़िता ने अपने माता-पिता को पूरी घटना बताई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।
विशेष लोक अभियोजक केदार सिंह कौरव ने बताया कि अभियोजन पक्ष के ठोस साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी विपिन ठाकुर को दोषी करार दिया और उसे—
वहीं, आरोपी सीताराम का डीएनए साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उसे न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
अदालत ने पीड़िता को ₹4 लाख का प्रतिकर देने का भी आदेश दिया है। इस केस को शासन स्तर पर जघन्य एवं सनसनीखेज मामलों में रखा गया था।
यह सीहोर जिले में वर्ष 2025 का दूसरा मामला है, जिसमें दोष सिद्ध कर आरोपी को कड़ी सजा सुनाई गई है।
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