महाकुंभ 2025 : को लेकर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अभी तक जो महाकुंभ चला, वह सरकारी महाकुंभ था, जबकि असली कुंभ माघ महीने में होता है। उन्होंने बताया कि माघ पूर्णिमा के दिन सभी कल्पवासी प्रयागराज से विदा हो गए थे, उसी दिन असली कुंभ का समापन हुआ था।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 45 दिनों तक चला महाकुंभ 2025 समाप्त हो गया, लेकिन श्रद्धालुओं का प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाने का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार, इस महाकुंभ में अब तक 66 करोड़ 21 लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके हैं।
महाकुंभ की शुरुआत पौष पूर्णिमा (13 जनवरी) से हुई थी और इसका आधिकारिक समापन 26 फरवरी को हुआ। इस दौरान कई प्रमुख स्नान पर्व आयोजित किए गए:
✅ मकर संक्रांति (14 जनवरी)
✅ मौनी अमावस्या (29 जनवरी)
✅ बसंत पंचमी (3 फरवरी)
✅ माघी पूर्णिमा (12 फरवरी)
अब जबकि आधिकारिक रूप से महाकुंभ समाप्त हो चुका है, फिर भी श्रद्धालु संगम में स्नान और धार्मिक अनुष्ठान करने पहुंच रहे हैं।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.