सीकर : राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जीणमाता मंदिर में शनिवार सुबह अचानक अफरातफरी मच गई जब दो आतंकवादियों के मंदिर में घुस आने और पुजारी को बंधक बनाने की खबर सामने आई। हालांकि राहत की बात ये रही कि यह एक मॉकड्रिल थी, जिसे एटीएस और ईआरटी टीम ने पूर्ण सुरक्षा के साथ अंजाम दिया।
इस विशेष मॉकड्रिल में यह दर्शाया गया कि आतंकवादी मंदिर परिसर में घुसकर पुजारी को बंधक बनाते हैं। सूचना मिलते ही जयपुर से ATS की ERT (इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम) के 25 जवान हेलीकॉप्टर और वाहनों के जरिये कुछ ही देर में घटनास्थल पर पहुंचे।
टीम ने बेहद रणनीतिक तरीके से चारों दिशाओं से मंदिर परिसर को घेरा और पहले बातचीत के माध्यम से समय लिया, फिर अचानक कार्रवाई करते हुए दोनों आतंकियों को ढेर कर दिया।
पूरे ऑपरेशन के दौरान श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं करने दिया गया और सभी गतिविधियों को स्थानीय प्रशासन और पुलिस की निगरानी में अंजाम दिया गया।
इस अभ्यास का उद्देश्य यह था कि यदि किसी धार्मिक स्थल पर इस प्रकार की आतंकवादी घटना होती है, तो राज्य की विशेष टीम कैसे जवाब देती है, और किस तरह से बंधकों को सुरक्षित निकालकर आतंकियों का सफाया किया जा सकता है।
सीकर पुलिस और ATS अधिकारियों ने मॉकड्रिल को सफल बताया और कहा कि भविष्य में ऐसी सुरक्षा तैयारियां और सुदृढ़ की जाएंगी।
घटना की जानकारी मिलने तक कई श्रद्धालु घबरा गए थे। लेकिन जब मॉकड्रिल की सच्चाई सामने आई तो उन्होंने राहत की सांस ली। मंदिर परिसर में मौजूद कई लोगों ने कहा कि इस तरह की तैयारी जरूरी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
निष्कर्ष:
जीणमाता मंदिर पर हुई मॉकड्रिल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि राजस्थान पुलिस और ATS आतंकी घटनाओं से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। ऐसे अभ्यासों से सुरक्षा एजेंसियों को अपनी कमियों को पहचानने और सुधारने का मौका मिलता है।
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