प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह अमोनियम नाइट्रेट टोंक जिले में ही सप्लाई किया जाना था, जिससे किसी बड़ी वारदात की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह मामला बरौनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे-52 स्थित चिरौंज गांव के पास का है। डीएसटी (डिस्ट्रिक्ट स्पेशल टीम) द्वारा हाईवे पर नाकाबंदी की जा रही थी। इसी दौरान सुबह करीब 9 बजे बूंदी की ओर से टोंक की तरफ आ रही एक सियाज कार पुलिस को संदिग्ध लगी।
डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि कार में यूरिया खाद के कट्टे भरे हुए थे। जब पुलिस टीम ने कार का पीछा किया तो उसमें सवार लोग घबराकर चिरौंज गांव की ओर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर गांव के बाहर ही कार को रोक लिया।
कार सवार आरोपियों की पहचान:
सुरेंद्र (48)
सुरेंद्र मोची (33)
निवासी – करवर, जिला बूंदी के रूप में हुई है।
पुलिस द्वारा कार की तलाशी लेने पर 4 अलग-अलग कट्टों में कुल 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया। यह विस्फोटक यूरिया खाद की बोरियों में छुपाकर रखा गया था, ताकि सामान्य जांच में पकड़ में न आ सके।
थाना प्रभारी के अनुसार, विस्फोटक के साथ-साथ पुलिस ने:
200 डेंजर एक्सप्लोसिव कार्टेज
सेफ्टी फ्यूज वायर के 6 बंडल
11 मीटर वायर
भी जब्त किए हैं।
यह सामग्री किसी भी बड़े विस्फोट को अंजाम देने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।
डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने बताया कि:
“इतनी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट किसी भी गंभीर विस्फोट के लिए पर्याप्त है। यह जांच की जा रही है कि आरोपियों ने यह विस्फोटक कहां से खरीदा, किसके लिए ले जा रहे थे और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।”
पुलिस को आशंका है कि यह मामला केवल अवैध परिवहन तक सीमित नहीं, बल्कि इसके पीछे बड़ा नेटवर्क हो सकता है।
नए साल से पहले टोंक पुलिस की सतर्कता से एक बड़ी और संभावित खतरनाक वारदात टल गई। 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट की बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चेतावनी है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.