गिव अप अभियान बना मिसाल: 54 लाख संपन्नों ने छोड़ी खाद्य सुरक्षा, 73 लाख जरूरतमंदों को मिला हक

जयपुर: राजस्थान में चलाया गया “गिव अप अभियान” न केवल एक सरकारी पहल रहा, बल्कि यह प्रदेशवासियों की त्याग, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक बनकर उभरा है। यह बात खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री सुमित गोदारा ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कही।

मंत्री गोदारा ने बताया कि 1 नवंबर 2024 से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 54.36 लाख से अधिक संपन्न नागरिकों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ छोड़ दिया है। इससे खाद्य सुरक्षा सूची में वास्तविक जरूरतमंदों के लिए रास्ता खुला है।


73 लाख वंचित पात्रों को मिला खाद्य सुरक्षा का अधिकार

मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के अंतर्गत राजस्थान में 4.46 करोड़ लाभार्थियों की अधिकतम सीमा निर्धारित थी, जो पहले ही पूरी हो चुकी थी।
गिव अप अभियान और करीब 27 लाख लाभार्थियों द्वारा ई-केवाईसी न कराने के कारण कुल 81 लाख रिक्तियां बनीं।

इन रिक्तियों का लाभ उठाते हुए, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा 26 जनवरी को खाद्य सुरक्षा पोर्टल पुनः प्रारंभ करने के बाद अब तक करीब 73 लाख वंचित पात्र परिवारों को योजना से जोड़ा जा चुका है।


जयपुर पहले, बाड़मेर और सीकर दूसरे-तीसरे स्थान पर

खाद्य मंत्री ने बताया कि

  • जयपुर जिले में सर्वाधिक 3.17 लाख वंचित पात्र लाभार्थी जोड़े गए।

  • बाड़मेर (3.07 लाख) दूसरे स्थान पर रहा।

  • सीकर (3.04 लाख) तीसरे स्थान पर रहा।

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि शहरी और ग्रामीण—दोनों क्षेत्रों में अभियान को जबरदस्त समर्थन मिला।


राजस्थान बना देश का इकलौता राज्य जहां NFSA में 11 लाख रिक्तियां

श्री गोदारा ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में 4.35 करोड़ लाभार्थी खाद्य सुरक्षा सूची में हैं और इसके बावजूद करीब 11 लाख रिक्तियां अभी भी उपलब्ध हैं।
यह उपलब्धि राजस्थान को देश का एकमात्र राज्य बनाती है, जहां NFSA में जगह रहते हुए पात्रों को जोड़ा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि फिलहाल केवल 90 हजार आवेदन लंबित हैं और उन्हें भी शीघ्र निस्तारित किया जाएगा।


केवल पात्र लाभार्थी ही जुड़ें—तीन स्तरीय जांच व्यवस्था

मंत्री ने स्पष्ट किया कि

  • विभागीय अधिकारी हर माह 8 दिन फील्ड विजिट कर रहे हैं।

  • नए आवेदनों की तीन स्तरीय जांच की जा रही है।

  • केवल पात्र लाभार्थियों को ही सूची में जोड़ा जा रहा है।

प्रक्रिया को सरल बनाते हुए जिला कलेक्टरों को सीधे एनएफएसए में पात्र जोड़ने का अधिकार दिया गया है।


जयपुर, बीकानेर और भरतपुर में खुलेंगे अनाज एटीएम

प्रेस वार्ता में मंत्री ने एक और बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि
राज्य में जयपुर, बीकानेर और भरतपुर जिलों में अनाज एटीएम खोले जाएंगे।
इन एटीएम के माध्यम से खाद्य सुरक्षा लाभार्थी

  • अपने राशन कार्ड से

  • बिना उचित मूल्य दुकान जाए

  • स्वतः राशन प्राप्त कर सकेंगे।


निष्कर्ष:

“गिव अप अभियान” ने राजस्थान में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की दिशा ही बदल दी है। जहां एक ओर संपन्न वर्ग ने स्वेच्छा से त्याग किया, वहीं लाखों जरूरतमंदों को उनका हक मिला। पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीक के समन्वय से यह अभियान अब देशभर के लिए मॉडल बनता जा रहा है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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