नई दिल्ली। सोना और चांदी की कीमतों में आज गुरुवार, 22 जनवरी को बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इंडियन बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, चांदी करीब 5 प्रतिशत यानी लगभग 15,000 रुपए प्रति किलो सस्ती हो गई है, जबकि सोने के दाम में प्रति 10 ग्राम 2,700 रुपए से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
आज चांदी की कीमत 3,03,584 रुपए प्रति किलो पर खुली, जबकि एक दिन पहले यह 3,19,097 रुपए प्रति किलो पर बंद हुई थी। बुधवार को कारोबार के दौरान चांदी ने 3,20,075 रुपए प्रति किलो का ऑल टाइम हाई भी बनाया था। रिकॉर्ड स्तर के बाद आई इस गिरावट को मुनाफावसूली का नतीजा माना जा रहा है।
सोना भी आज दबाव में नजर आया। 24 कैरेट सोना 2,728 रुपए गिरकर 1,51,499 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। एक दिन पहले सोने ने 1,55,204 रुपए प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड हाई बनाया था और 1,54,277 रुपए पर बंद हुआ था।
विशेषज्ञों के अनुसार सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे मुख्य रूप से तीन कारण हैं:
पहला, पिछले कुछ दिनों में आई तेज तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है।
दूसरा, शेयर बाजार में मजबूती लौटने से सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोना-चांदी की मांग घटी है।
तीसरा, वैश्विक स्तर पर जियोपॉलिटिकल तनाव में कमी आने से कीमती धातुओं पर दबाव बना है।
अगर आप सोना या चांदी में नई खरीदारी या निवेश की योजना बना रहे हैं, तो बाजार विशेषज्ञ फिलहाल थोड़ा इंतजार करने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि मुनाफावसूली का दौर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और आगे कीमतों में और नरमी आ सकती है।
वहीं, जिन निवेशकों ने ऊंचे भाव पर चांदी या सोना खरीदा है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार लंबी अवधि में सोना-चांदी के फंडामेंटल मजबूत बने हुए हैं, इसलिए होल्ड करना बेहतर विकल्प हो सकता है।
भले ही आज कीमतों में गिरावट आई हो, लेकिन 2025 में सोना और चांदी दोनों ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है।
2025 में सोना 57,033 रुपए यानी करीब 75 प्रतिशत महंगा हुआ है।
31 दिसंबर 2024 को 24 कैरेट सोना 76,162 रुपए प्रति 10 ग्राम था, जो 31 दिसंबर 2025 तक बढ़कर 1,33,195 रुपए हो गया।
चांदी ने इस दौरान और भी बेहतर प्रदर्शन किया। चांदी की कीमत 1,44,403 रुपए यानी करीब 167 प्रतिशत बढ़ी।
31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी 86,017 रुपए थी, जो साल के आखिरी दिन 2,30,420 रुपए प्रति किलो पहुंच गई।
सोना और चांदी में निवेश करने के दो प्रमुख तरीके हैं:
पहला, फिजिकल गोल्ड और सिल्वर यानी सिक्के या ज्वेलरी खरीदना।
दूसरा, गोल्ड और सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETF) के जरिए निवेश करना, जिसे अधिक सुरक्षित और पारदर्शी विकल्प माना जाता है।
रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोना और चांदी में आई यह गिरावट मुनाफावसूली और बाजार के बदलते रुझान का संकेत है। अल्पकाल में कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए सोना-चांदी अब भी भरोसेमंद विकल्प बने हुए हैं।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.