जयपुर। राजस्थान में भजनलाल सरकार के दो साल पूरे हो चुके हैं और सरकार अगले महीने अपने कार्यकाल का तीसरा बजट पेश करने जा रही है। इसी बीच जयपुर जिले के विधायकों की विधायक निधि (MLA LAD Fund) को लेकर एक अहम रिपोर्ट सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर के कई विधायक विकास कार्यों पर खर्च करने में अपने ही मंत्रियों से आगे निकल गए हैं, जबकि कई विधायक ऐसे भी हैं जिन्होंने दो साल में अपनी निधि का आधा पैसा तक खर्च नहीं किया।
जयपुर की 19 विधानसभा सीटों में से कई प्रतिनिधियों ने अपने विधायक कोष का सीमित उपयोग किया है।
आदर्श नगर से कांग्रेस विधायक रफीक खान ने दो साल में 10 करोड़ रुपए के विधायक कोटे में से केवल 1.76 करोड़ रुपए की ही स्वीकृति दी।
झोटवाड़ा से विधायक और खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने अब तक 2.5 करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
जमवारामगढ़ से भाजपा विधायक महेन्द्र पाल मीणा ने केवल 2.57 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की है।
यह आंकड़े दिखाते हैं कि कई क्षेत्रों में विकास कार्यों की रफ्तार अपेक्षा से काफी धीमी रही है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ विधायक ऐसे भी हैं जिन्होंने अपने कोष का भरपूर उपयोग कर जनता के लिए विकास कार्यों का पिटारा खोल दिया है।
कोटपूतली से विधायक हंसराज पटेल ने अब तक 7.80 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृत कर सबसे ऊपर स्थान हासिल किया है।
मालवीय नगर से भाजपा विधायक कालीचरण सराफ दूसरे नंबर पर हैं, जिन्होंने 7.61 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां जारी कीं।
विराटनगर से विधायक कुलदीप ने करीब 7.60 करोड़ रुपए के कामों को मंजूरी दी है।
इन विधायकों ने सड़क, पेयजल, भवन, सामुदायिक सुविधाओं जैसे कार्यों पर अधिक फोकस किया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सांगानेर विधानसभा क्षेत्र में अपने विधायक कोष से अब तक 5.02 करोड़ रुपए के विकास कार्य स्वीकृत किए हैं, जो कुल उपलब्ध राशि का लगभग 50 फीसदी है।
डिप्टी सीएम दीया कुमारी विधायक निधि खर्च में सबसे आगे रहने वाले वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। उन्होंने अब तक 7.21 करोड़ रुपए से ज्यादा की स्वीकृतियां जारी की हैं।
डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा ने दूदू विधानसभा क्षेत्र में 5.87 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को मंजूरी दी है।
विधायक निधि के ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि
कुछ विधायक और मंत्री विकास कार्यों को लेकर सक्रिय रहे
जबकि कई जनप्रतिनिधि अब भी अपनी पूरी क्षमता का उपयोग नहीं कर पाए
बजट से पहले सामने आई यह तस्वीर सरकार और विधायकों के प्रदर्शन पर सवाल भी खड़े करती है।
भजनलाल सरकार के दो साल पूरे होने पर विधायक निधि के खर्च का यह रिपोर्ट कार्ड बताता है कि जयपुर में विकास की रफ्तार हर क्षेत्र में एक-सी नहीं रही। जहां कुछ विधायक जनता के लिए लगातार काम करते नजर आए, वहीं कई क्षेत्रों में विधायक निधि अब भी फाइलों तक सिमटी हुई है। आने वाले बजट और तीसरे साल में यह देखना अहम होगा कि क्या बाकी विधायक भी विकास की गति पकड़ पाते हैं या नहीं।
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