पणजी/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक (IEW) 2026 के चौथे संस्करण का वर्चुअली उद्घाटन किया। अपने संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि भारत एनर्जी सेक्टर के लिए मौकों की जमीन है, क्योंकि देश में ऊर्जा की मांग लगातार तेज़ी से बढ़ रही है।
पीएम ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिसका सीधा असर एनर्जी सेक्टर पर पड़ता है। बढ़ती औद्योगिक गतिविधियां, शहरीकरण और जीवनशैली में बदलाव के कारण भारत में ऊर्जा उत्पादों की मांग निरंतर बढ़ रही है, जिससे वैश्विक निवेशकों के लिए बड़े अवसर बन रहे हैं।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में भारत-यूरोपीय संघ (India-EU) फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत-ब्रिटेन और EFTA समझौतों का पूरक है और इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है।
पीएम के अनुसार:
यह डील ग्लोबल GDP के लगभग 25% और
वैश्विक व्यापार के करीब एक-तिहाई हिस्से को कवर करती है
यह समझौता भारत के 140 करोड़ नागरिकों और यूरोप के करोड़ों लोगों के लिए रोजगार, निवेश और व्यापार के नए रास्ते खोलेगा। साथ ही यह लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत तेल और गैस सेक्टर में बड़े स्तर पर निवेश बढ़ा रहा है। सरकार का लक्ष्य इस दशक के अंत तक तेल और गैस क्षेत्र में 100 अरब डॉलर का निवेश करना है।
उन्होंने कहा:
भारत पहले से ही पेट्रोलियम उत्पादों के टॉप-5 निर्यातक देशों में शामिल है
भारतीय पेट्रोलियम उत्पाद 150 से अधिक देशों में निर्यात हो रहे हैं
रिफाइनिंग क्षमता को 260 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़ाकर 300 मिलियन मीट्रिक टन किया जा रहा है
पीएम ने कहा कि भारत जल्द ही दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल रिफाइनिंग हब बनेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत “रिफॉर्म्स की एक्सप्रेस” पर सवार है। एनर्जी सेक्टर में ही 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश अवसर मौजूद हैं। तेल-गैस, रिन्यूएबल एनर्जी, हाइड्रोजन, बायोफ्यूल, इलेक्ट्रिफिकेशन, डिजिटलाइजेशन, AI और नेट-जीरो जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम हो रहा है।
इंडिया एनर्जी वीक 2026 एक वैश्विक ऊर्जा प्रदर्शनी और सम्मेलन है, जो 30 जनवरी तक चलेगा।
इसमें शामिल हैं:
75,000+ एनर्जी प्रोफेशनल
700+ एग्जीबिटर
550+ एक्सपर्ट स्पीकर
120+ सेशन (3 दिन में)
12+ इंटरनेशनल कंट्री पवेलियन
11 थीमेटिक जोन
उद्घाटन समारोह में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत ने इथेनॉल सप्लाई ईयर 2025 में लगभग 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग हासिल कर ली है।
इसके फायदे:
पिछले 10 वर्षों में 19.3 बिलियन डॉलर की विदेशी मुद्रा बचत
किसानों को 15 बिलियन डॉलर से अधिक का सीधा भुगतान
उन्होंने कहा कि 2050 तक वैश्विक ऊर्जा मांग में भारत की हिस्सेदारी 10% तक पहुंच सकती है। इसे पूरा करने के लिए सरकार 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 GW तक बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
इंडिया एनर्जी वीक 2026 के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में भी निर्णायक भूमिका निभाने जा रहा है। इंडिया-EU फ्री ट्रेड डील, भारी निवेश योजनाएं और रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस भारत को आने वाले वर्षों में वैश्विक ऊर्जा नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है।
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