प्रधानमंत्री: नरेंद्र मोदी ने आज ‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के 9वें एडिशन में देश के अलग-अलग राज्यों से आए छात्रों से बातचीत की। यह कार्यक्रम दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित किया गया, जहां पीएम मोदी ने सबसे पहले बच्चों को असम के पारंपरिक गमछे पहनाकर उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम के पहले एपिसोड में पीएम मोदी ने छात्रों के सवालों के जवाब देते हुए स्वदेशी, आत्मविश्वास, करियर, स्किल और मार्क्स जैसे अहम विषयों पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे अगले 25 वर्षों को ध्यान में रखकर विकसित भारत को अपना सपना बनाएं।
पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि वे एक साल के भीतर अपनी जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली हर विदेशी चीज को स्वदेशी विकल्प से बदलने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कदम देश को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
1. विकसित भारत को अपना सपना बनाएं
पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत की आजादी के 100 साल पूरे होंगे, तब आज के छात्र 39-40 साल के होंगे। उन्हें अभी से यह तय करना होगा कि वे विकसित भारत के लिए क्या योगदान देंगे। उन्होंने भगत सिंह का उदाहरण देते हुए कहा कि बलिदान और सपना ही देश को आगे बढ़ाता है।
2. आत्मविश्वास से डर को भगाएं
प्रेजेंटेशन के डर पर पीएम ने कहा कि आत्मविश्वास सच्चाई से आता है। अगर आप अपने काम पर भरोसा रखते हैं, तो मंच पर बोलने का डर खुद-ब-खुद खत्म हो जाएगा।
3. भारतीय कहानियों पर गेम बनाओ
गेमिंग में रुचि रखने वाले छात्र के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत कहानियों का खजाना है। पंचतंत्र, अभिमन्यु जैसी अमर कहानियों पर गेम बनाकर उसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लॉन्च किया जा सकता है।
4. ‘मार्क्स-मार्क्स’ की बीमारी से बचो
पीएम ने कहा कि मार्क्स अस्थायी होते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी को पिछले साल के टॉपर्स के नाम याद हैं। असली महत्व इस बात का है कि पढ़ाई ने जीवन को कितना बेहतर बनाया।
5. स्किल और मार्क्स में संतुलन जरूरी
पीएम मोदी ने साफ कहा कि स्किल और मार्क्स में से किसी एक को चुनना गलत है। जीवन में आगे बढ़ने के लिए दोनों के बीच संतुलन जरूरी है।
‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ का अगला एपिसोड 9 फरवरी सुबह 10 बजे जारी किया जाएगा। इसे DD News और शिक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर देखा जा सकेगा।
‘परीक्षा पे चर्चा’ की शुरुआत साल 2018 में हुई थी, जिसका उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों का तनाव कम करना और परीक्षा को एक उत्सव के रूप में देखने की सोच विकसित करना है।
8वें एडिशन ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था, जिसमें करोड़ों छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों ने भाग लिया था।
‘परीक्षा पे चर्चा 2026’ के पहले एपिसोड में पीएम मोदी ने छात्रों को केवल परीक्षा ही नहीं, बल्कि जीवन और राष्ट्र निर्माण की दिशा भी दिखाई। स्वदेशी अपनाने, आत्मविश्वास बढ़ाने और संतुलित सोच के जरिए विकसित भारत के सपने को साकार करने का संदेश इस कार्यक्रम का केंद्र रहा।
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