Transport Workers Strike: शनिवार को पूरे देश में ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यानी गिग वर्कर्स ने हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल में Ola, Uber, Rapido और Porter जैसी कंपनियों से जुड़े लाखों ड्राइवर और वर्कर्स शामिल हैं। यूनियनों का कहना है कि हड़ताल के चलते कई बड़े शहरों में कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं।
ड्राइवर संगठनों का आरोप है कि ऐप-बेस्ड कंपनियां लगातार किराया घटा रही हैं, जिससे ड्राइवरों की आमदनी में भारी गिरावट आई है। काम का बोझ बढ़ रहा है, लेकिन कमाई पहले के मुकाबले कम होती जा रही है।
वर्कर्स यूनियनों के मुताबिक सरकार ने अब तक ऐप-बेस्ड टैक्सी सेवाओं के लिए न्यूनतम किराया तय नहीं किया है। इसी का फायदा उठाकर कंपनियां किराया मनमर्जी से घटा-बढ़ा रही हैं, जिसका सीधा असर ड्राइवरों की जेब पर पड़ रहा है।
यूनियनों का कहना है कि मौजूदा नियमों में यह स्पष्ट है कि किराया तय करने से पहले ड्राइवर संगठनों से सलाह लेना जरूरी है, लेकिन कंपनियां और सरकार इस प्रक्रिया का पालन नहीं कर रही हैं। इससे ड्राइवरों में भारी असंतोष फैल गया है।
देशभर में Ola और Uber से करीब 35 लाख ड्राइवर जुड़े हुए हैं। इस हड़ताल का असर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और पुणे जैसे महानगरों में ज्यादा देखने को मिल सकता है। कई जगहों पर हजारों कैब और बाइक टैक्सी सड़कों से नदारद रह सकती हैं।
ड्राइवर संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द न्यूनतम किराया तय किया जाए, ताकि ड्राइवरों को एक तय और सम्मानजनक आमदनी मिल सके।
इससे पहले 31 दिसंबर 2025 को डिलीवरी वर्कर्स ने भी देशभर में हड़ताल की थी। उस समय Swiggy, Zomato, Blinkit और Zepto जैसी कंपनियों से जुड़े राइडर्स सड़कों पर उतरे थे। उनकी भी मांगें कम सैलरी, ज्यादा काम और खराब कार्य स्थितियों से जुड़ी थीं।
देशभर में हुई यह Cab Taxi Drivers Strike एक बार फिर गिग वर्कर्स की असुरक्षित आय और कामकाजी हालातों पर सवाल खड़े कर रही है। अगर सरकार और कंपनियों के बीच जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में आम यात्रियों को भी इसका सीधा असर झेलना पड़ सकता है।
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