दिनभर चले आर्किटेक्चर फेस्टिवल के विभिन्न तकनीकी और वैचारिक सत्रों के पश्चात केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शाम के समय जेईसीसी पहुंचे। उन्होंने इंडिया स्टोन मार्ट 2026 की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल के क्लोज़िंग सेशन में भाग लेकर फेस्टिवल का औपचारिक समापन किया।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि स्टोन, आर्किटेक्चर और शहरी विकास भारत की आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल जैसे मंच नीति, डिज़ाइन और उद्योग के बीच संवाद को मजबूती प्रदान करते हैं।
उन्होंने राजस्थान के स्टोन उद्योग की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए सस्टेनेबल माइनिंग, वैल्यू एडिशन और आधुनिक तकनीक को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य के शहरों के निर्माण में पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग अत्यंत आवश्यक है।
फेस्टिवल के दूसरे और अंतिम दिन मास्टर स्पीक सेशंस, पैनल डिस्कशन्स और स्टूडेंट इंस्टॉलेशन्स प्रमुख आकर्षण का केंद्र रहे। देशभर से आए प्रतिष्ठित आर्किटेक्ट्स, शहरी योजनाकारों और उद्योग विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
विख्यात आर्किटेक्ट जितेंद्र मेहता ने ‘इंदौर डेवलपमेंट मॉडल’ पर आधारित अपने सत्र में बताया कि किस प्रकार संतुलित शहरी नियोजन, नागरिक सहभागिता और टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर के माध्यम से इंदौर देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है।
इसके अतिरिक्त ‘रिइनवेंटिंग लोकल स्टोन विद मॉडर्न कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजीज’ और ‘स्टोन इन द एज ऑफ ग्लास एंड स्टील’ जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार रखे। इन सत्रों में राजस्थान के स्थानीय पत्थरों की आधुनिक वास्तुकला में बढ़ती उपयोगिता और संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई।
जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 के समापन दिवस पर आंध्र प्रदेश के माननीय खान मंत्री श्री कोल्लू रविंद्र गरु ने भी इंडिया स्टोन मार्ट 2026 में भाग लिया। उन्होंने स्टोन सेक्टर में अंतरराज्यीय सहयोग, निवेश और तकनीकी साझेदारी की संभावनाओं पर सकारात्मक विचार व्यक्त किए।
अपने संबोधन में उन्होंने इंडिया स्टोन मार्ट 2026 को एक दूरदर्शी और समय की आवश्यकता से जुड़ा आयोजन बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल व्यापार का मंच नहीं है, बल्कि सस्टेनेबिलिटी और पर्यावरणीय जिम्मेदारी से भी सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। उन्होंने स्टोन और माइन्स सेक्टर में तकनीकी नवाचार, रिसोर्स मैनेजमेंट और इको-फ्रेंडली प्रैक्टिसेज़ को अपनाने पर जोर दिया।
जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 में आर्किटेक्चर छात्रों द्वारा प्रस्तुत डिज़ाइन इंस्टॉलेशन्स को विशेषज्ञों और वरिष्ठ आर्किटेक्ट्स द्वारा सराहा गया। छात्रों के साथ सीधा संवाद, मार्गदर्शन और फीडबैक इस फेस्टिवल की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहा, जिससे युवा प्रतिभाओं को सीखने और आगे बढ़ने का मंच मिला।
इंडिया स्टोन मार्ट 2026 के साथ आयोजित जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 ने स्टोन इंडस्ट्री, वास्तुकला और शहरी विकास के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में अपनी पहचान बनाई। दो दिनों तक चले इस फेस्टिवल में भविष्य के शहरों, टिकाऊ निर्माण और भारतीय स्टोन की वैश्विक भूमिका पर व्यापक विमर्श हुआ।
जयपुर आर्किटेक्चर फेस्टिवल 2026 और इंडिया स्टोन मार्ट 2026 ने यह स्पष्ट किया कि भारत का स्टोन और आर्किटेक्चर सेक्टर न केवल आर्थिक विकास का माध्यम है, बल्कि सस्टेनेबल और जिम्मेदार शहरी विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और आंध्र प्रदेश के खान मंत्री कोल्लू रविंद्र गरु की उपस्थिति ने इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक महत्व प्रदान किया।
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