जयपुर। भारत की जनगणना–2027 के प्रथम चरण को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना कार्य के लिए जिला एवं चार्ज स्तर (ग्रामीण) के अधिकारियों का दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण सोमवार से जिला कलेक्ट्रेट सभागार में प्रारम्भ हुआ। यह प्रशिक्षण 10 फरवरी से 11 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण का उद्घाटन प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने किया। उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने चार्ज स्तर पर नियुक्त अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे तकनीकी प्रशिक्षण की सभी बारीकियों को गंभीरता से समझें और प्रायोगिक (हैंड्स-ऑन) अभ्यास पर विशेष ध्यान दें, ताकि फील्ड स्तर पर कार्य सुचारू और त्रुटिरहित रूप से सम्पन्न हो सके।
डॉ. सोनी ने कहा कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, ऐसे में अधिकारियों की तकनीकी दक्षता जनगणना की गुणवत्ता तय करेगी। उन्होंने समयबद्धता, सटीकता और पारदर्शिता को जनगणना कार्य की सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया।
प्रशिक्षण के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय, राजस्थान के संयुक्त निदेशक एवं प्रशिक्षक श्री अविनाश शर्मा ने जनगणना-2027 की कार्य योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह जनगणना आधुनिक तकनीक पर आधारित होगी और सम्पूर्ण प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सम्पन्न की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य दो भागों में होगा। स्व-गणना की प्रक्रिया 1 मई से 15 मई 2026 तक चलेगी, जबकि फील्ड स्तर पर गणना का कार्य 16 मई से 14 जून 2026 तक किया जाएगा। संपूर्ण डाटा संग्रह जनगणना प्रबंधन पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए किया जाएगा, जिससे आंकड़ों की शुद्धता और त्वरित विश्लेषण सुनिश्चित हो सकेगा।
जिला जनगणना अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर (तृतीय) जयपुर श्री संजय कुमार माथुर ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि चार्ज स्तर पर नियुक्त अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करें। उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 का संपूर्ण कार्य सीएमएमएस पोर्टल (जनगणना प्रबंधन एवं पर्यवेक्षण प्रणाली) पर आधारित होगा, इसलिए किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचना बेहद जरूरी है।
वहीं, उप जिला जनगणना अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग, जयपुर श्री बाबूलाल मीना ने चार्ज स्तर के अधिकारियों को उनकी भूमिका, कार्य विभाजन और तकनीकी प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
इस जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला स्तर से 4 अधिकारी तथा चार्ज स्तर से तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित कुल 40 अधिकारियों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण के दौरान प्रेजेंटेशन, डेमो और प्रायोगिक अभ्यास के माध्यम से अधिकारियों को जनगणना की डिजिटल प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
जनगणना–2027 के प्रथम चरण को लेकर जयपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। जिला स्तरीय प्रशिक्षण के माध्यम से अधिकारियों को तकनीकी और प्रशासनिक रूप से तैयार किया जा रहा है, ताकि मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सम्पन्न हो सके। डिजिटल जनगणना की यह पहल भविष्य की योजनाओं और नीतियों के लिए मजबूत आधार तैयार करेगी।
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