प्रधानमंत्री: Narendra Modi ने India AI Impact Summit 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को लेकर एक स्पष्ट और व्यापक दृष्टिकोण पेश किया। उन्होंने एआई के विकास के लिए ‘M.A.N.A.V.’ विजन प्रस्तुत करते हुए कहा कि तकनीक का उद्देश्य मानवता का कल्याण होना चाहिए, न कि केवल आर्थिक या रणनीतिक लाभ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई को नैतिक, जवाबदेह, समावेशी और मानव-केंद्रित बनाया जाना जरूरी है, ताकि इसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में M.A.N.A.V. का विस्तार इस प्रकार बताया:
M – Moral and Ethical Systems (नैतिक और नीतिपरक प्रणालियां)
एआई का विकास स्पष्ट नैतिक मानकों और जिम्मेदारी के ढांचे में होना चाहिए।
A – Accountable Governance (जवाबदेह शासन व्यवस्था)
एआई के संचालन और उपयोग के लिए पारदर्शी और उत्तरदायी नीतियां आवश्यक हैं।
N – National Sovereignty (राष्ट्रीय संप्रभुता)
डेटा और तकनीक पर राष्ट्र की संप्रभुता सुरक्षित रहनी चाहिए।
A – Accessible and Inclusive (सुलभ और समावेशी)
एआई का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे, विशेषकर वंचित और विकासशील देशों तक।
V – Valid and Legitimate (वैध और विश्वसनीय)
एआई प्रणालियां भरोसेमंद, प्रमाणित और वैध ढांचे में संचालित हों।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि एआई का लोकतंत्रीकरण होना चाहिए। उनका मानना है कि तकनीक केवल कुछ देशों या कंपनियों तक सीमित न रहे, बल्कि वैश्विक दक्षिण सहित सभी देशों के लिए अवसर बने।
उन्होंने चेताया कि इंसान केवल “डेटा पॉइंट” या “रॉ मैटेरियल” बनकर न रह जाए। एआई को खुली छूट देने के साथ-साथ उसकी दिशा और नियंत्रण भी मानव समाज के हाथों में रहना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि एआई से तभी व्यापक लाभ मिल सकता है, जब इसे साझा किया जाए। उन्होंने इसे “वैश्विक साझा हित” के रूप में विकसित करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से विकासशील देशों के लिए एआई सशक्तिकरण और समावेशन का महत्वपूर्ण साधन बन सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक ऐसी शक्ति है जो तेजी से बदलाव ला सकती है। लेकिन यदि इसका लक्ष्य भटक जाए, तो यह विनाशकारी भी हो सकती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के लिए एआई का अंतिम मानदंड “सभी का कल्याण और खुशी” है। यदि सही दिशा में उपयोग किया जाए, तो एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और शासन में क्रांतिकारी समाधान दे सकती है।
प्रधानमंत्री के भाषण से स्पष्ट संकेत मिला कि भारत:
नैतिक एआई फ्रेमवर्क विकसित करेगा
वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देगा
डेटा संप्रभुता पर जोर देगा
एआई को समावेशी विकास का उपकरण बनाएगा
भारत पहले ही डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी गवर्नेंस के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना चुका है। अब एआई के क्षेत्र में भी नेतृत्व की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
PM Modi MANAV Vision on AI केवल एक नीति वक्तव्य नहीं, बल्कि एआई के भविष्य के लिए एक संतुलित और मानव-केंद्रित मॉडल है। इसमें नैतिकता, जवाबदेही, राष्ट्रीय हित और वैश्विक सहयोग को समान महत्व दिया गया है।
अगर यह दृष्टिकोण वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया
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