वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष रुकवाने का दावा किया है। गुरुवार को वॉशिंगटन में आयोजित ‘बोर्ड ऑफ पीस’ कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों को 200% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद हालात शांत हुए।
ट्रम्प ने कहा कि उस समय दोनों देशों के बीच हालात बेहद खराब थे। लड़ाई तेज हो गई थी और विमान गिराए जा रहे थे। उन्होंने दावा किया कि संघर्ष के दौरान 11 महंगे फाइटर जेट्स गिराए गए थे, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये किस देश के थे।
ट्रम्प के मुताबिक उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से साफ कह दिया था कि यदि वे संघर्ष खत्म नहीं करेंगे तो अमेरिका उनके साथ कोई व्यापार समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि जब आर्थिक नुकसान की बात सामने आई तो दोनों देश पीछे हट गए।
ट्रम्प ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने उनके चीफ ऑफ स्टाफ के सामने स्वीकार किया था कि ट्रम्प ने युद्ध रुकवाकर करीब 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई।
पिछले साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 भारतीय पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इसके बाद भारत ने 6 और 7 मई की रात पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की थी। कार्रवाई में बहावलपुर और मुरीदके जैसे इलाके शामिल थे।
इसके जवाब में 8 मई की शाम पाकिस्तान ने भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाने की कोशिश की। उसने तुर्किये और चीन निर्मित ड्रोन का इस्तेमाल किया, लेकिन भारतीय वायु रक्षा प्रणाली पूरी तरह सक्रिय थी और हमले को नाकाम कर दिया गया।
भारतीय सेना ने सीमा पार जवाबी कार्रवाई करते हुए भारी तोपों और रॉकेट लॉन्चरों का इस्तेमाल किया, जिससे पाकिस्तान की सेना को नुकसान पहुंचा।
चीन को लेकर ट्रम्प ने कहा कि उनका राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अच्छा संबंध है और वे अप्रैल में चीन का दौरा करेंगे। उन्होंने अपने पिछले दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें वहां असाधारण स्वागत मिला था।
ट्रम्प ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का प्रस्ताव सितंबर 2025 में गाजा युद्ध को समाप्त करने की योजना के तहत रखा था। अब वे इसे वैश्विक स्तर पर संघर्ष समाधान के मंच के रूप में विकसित करना चाहते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने करीब 60 देशों को इसमें शामिल होने का न्योता भेजा है।
मसौदा चार्टर के मुताबिक, जो देश तीन साल से अधिक समय तक सदस्य रहना चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर का योगदान देना होगा। ट्रम्प खुद इस बोर्ड के अध्यक्ष हैं।
हालांकि, कुछ देशों को आशंका है कि इससे संयुक्त राष्ट्र की भूमिका कमजोर हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के पांच स्थायी सदस्यों में से अमेरिका के अलावा किसी अन्य देश ने अभी तक इसमें शामिल होने की पुष्टि नहीं की है।
ट्रम्प ने कहा कि यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से काम करेगा और वैश्विक शांति के लिए बड़े फैसले ले सकेगा।
डोनाल्ड ट्रम्प का दावा एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संबंधों और वैश्विक कूटनीति के केंद्र में आ गया है। 200% टैरिफ की चेतावनी और 11 फाइटर जेट्स गिरने के बयान ने अंतरराष्ट्रीय हलकों में नई बहस छेड़ दी है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे यह स्पष्ट है कि व्यापार, सुरक्षा और कूटनीति आज की वैश्विक राजनीति में गहराई से जुड़े हुए हैं।
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