दौसा। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील और अंतरराष्ट्रीय बयानों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। दौसा में मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने कहा कि यदि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump भारत के प्रधानमंत्री की बेइज्जती कर रहे हैं, तो उन्हें “दबंग होकर जवाब देना चाहिए”।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ राहुल गांधी, पूरा विपक्ष और 140 करोड़ जनता खड़ी है। फिर डर किस बात का है? गहलोत ने कहा कि भारत एक मजबूत लोकतंत्र है और ऐसे मामलों में स्पष्ट और सख्त प्रतिक्रिया दी जानी चाहिए।
गहलोत ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर भ्रम की स्थिति का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत सरकार के बयानों में विरोधाभास नजर आ रहा है। रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर भी उन्होंने कहा कि अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार स्पष्टता नहीं दे रही।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से रूस भारत का मित्र देश रहा है, इसलिए विदेश नीति में संतुलन और पारदर्शिता जरूरी है।
गहलोत ने वैश्विक हालात को चिंताजनक बताते हुए कहा कि दुनिया में अस्थिरता बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही घटनाओं पर भारत को मजबूत और स्वतंत्र रुख अपनाना चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के दौरान 25 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई थी, जिससे “राजस्थान मॉडल” की चर्चा देशभर में हुई।
गहलोत का आरोप है कि वर्तमान सरकार ने उस मॉडल को कमजोर कर दिया है और मरीजों को अब भटकना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को स्वास्थ्य और शिक्षा पर प्राथमिकता देनी चाहिए।
गहलोत ने देश में बढ़ते सामाजिक तनाव पर चिंता जताते हुए कहा कि हिंदू-मुस्लिम के मुद्दों पर राजनीति खतरनाक दिशा में जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि वे इस एजेंडे को बदलें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पहल करें।
युवाओं और बच्चों में बढ़ते कार्डियक अरेस्ट और अचानक मौतों पर गहलोत ने गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से मांग की कि इस विषय पर एक उच्च स्तरीय वैज्ञानिक जांच समिति बनाई जाए ताकि असली कारणों का पता चल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
गहलोत दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा की भतीजी के विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम के बाद उन्होंने जिला अस्पताल में एक सिलिकोसिस पीड़ित मरीज से मुलाकात की और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी चर्चा की।
इस दौरान उनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
दौसा में अशोक गहलोत का बयान राष्ट्रीय राजनीति के मुद्दों को प्रदेश की जमीन से जोड़ता नजर आया। ट्रंप के बयानों से लेकर ट्रेड डील, रूस-तेल, स्वास्थ्य मॉडल और सामाजिक तनाव तक—उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर कई मोर्चों पर सवाल खड़े किए। आने वाले दिनों में इन बयानों पर सियासी प्रतिक्रिया तेज होने की संभावना है।
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