सुप्रीम कोर्ट की एल्विश यादव को कड़ी फटकार! सांप के जहर कांड में कहा– ‘प्रसिद्ध लोग कानून से ऊपर नहीं’

नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने चर्चित यूट्यूबर एल्विश यादव को सांप के जहर (Snake Venom) मामले में कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि कोई प्रसिद्ध व्यक्ति कानून की अनदेखी करता है और वन्यजीवों का दुरुपयोग करता है, तो इससे समाज में बेहद गलत संदेश जाता है।

यह मामला नोएडा में आयोजित कथित रेव पार्टियों से जुड़ा है, जहां आरोप है कि सांपों और उनके जहर का उपयोग मनोरंजन और नशीली गतिविधियों के लिए किया गया।


क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?

जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने सुनवाई के दौरान सख्त रुख अपनाया। अदालत ने कहा:

“यदि प्रसिद्ध व्यक्ति ‘बोलने में असमर्थ’ प्राणियों का अपने हित में उपयोग करेंगे, तो यह समाज को गलत संदेश देगा। कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है।”

कोर्ट ने साफ किया कि मामले की जांच Wildlife (Protection) Act, 1972 के प्रावधानों के तहत की जाएगी और यह देखा जाएगा कि कहीं वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन तो नहीं हुआ।


एल्विश की याचिका पर सुनवाई

एल्विश यादव ने अपने खिलाफ दाखिल चार्जशीट और आपराधिक कार्यवाही को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी। उनके वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता मुक्ता गुप्ता ने अदालत में दलील दी कि:

  • एल्विश न तो किसी सांप के मालिक थे

  • वे केवल एक म्यूजिक वीडियो शूट में अतिथि के रूप में मौजूद थे

  • सांपों के पास कथित तौर पर जहर की थैलियां (venom sacs) और दांत नहीं थे

  • प्रोड्यूसर ने आवश्यक अनुमति ली हुई थी

हालांकि, अदालत ने इन दलीलों पर तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि पहले यह स्पष्ट होना जरूरी है कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।


प्रशासन का पक्ष

प्रशासन की ओर से अदालत को बताया गया कि पुलिस ने मामले में कई सांपों और संभावित जहर को बरामद किया है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं अवैध रूप से जहर निकाला गया या उसका दुरुपयोग तो नहीं हुआ।

कोर्ट ने प्रोसिक्यूशन को निर्देश दिया कि वह यह स्पष्ट करे कि संबंधित प्रोडक्शन हाउस ने सभी आवश्यक अनुमतियां ली थीं या नहीं। साथ ही, जांच रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले दाखिल करने के आदेश दिए गए हैं।


नोएडा रेव पार्टी से जुड़ा मामला

यह पूरा मामला नोएडा में आयोजित कथित रेव पार्टियों से जुड़ा है। आरोप है कि इन पार्टियों में सांपों और उनके जहर का उपयोग नशीले पदार्थ के रूप में किया गया। इस मामले में एफआईआर नवंबर 2023 में दर्ज की गई थी और बाद में एल्विश यादव को जमानत मिल चुकी है।

अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में इस मामले की आगे की जांच होगी, जिससे कानूनी स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी ने साफ कर दिया है कि प्रसिद्धि किसी को कानून से ऊपर नहीं बनाती। वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत यदि कोई उल्लंघन पाया जाता है, तो कार्रवाई तय है। अब सभी की नजर अगली सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जहां यह स्पष्ट होगा कि एल्विश यादव पर लगे आरोप कितने गंभीर हैं और आगे क्या कानूनी रुख अपनाया जाएगा।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

Related News

All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.

BREAKING NEWS
भजनलाल शर्मा का आया एक फोन और सारा काम हो गया... | मुकेश मिश्रा बने इंडियन मीडिया काउंसिल के राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष, रतीराम गुर्जर को मिली प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी | उपराष्ट्रपति चुनाव में क्रॉस-वोटिंग विवाद: TMC बोली BJP ने विपक्षी सांसदों को ₹15-20 करोड़ में खरीदा; भाजपा ने कहा – I.N.D.I.A. गठबंधन में फूट | लाल किले से 'नए भारत' का आगाज: पीएम मोदी देंगे 12वां ऐतिहासिक भाषण, 5000 खास मेहमान बनेंगे गवाह | PM मोदी बोले: पुणे जैसा पटना और मुंबई जैसा मोतिहारी बनेगा, पहली नौकरी पर सरकार देगी ₹15 हजार | प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ, एनटीपीसी निवेश से ऊर्जा क्षेत्र को भी मिलेगी रफ्तार: अमित शाह | राजस्थान में सरकारी नौकरियों का सुनहरा मौका: 50 हजार कर्मचारियों को मिलेगा प्रमोशन, नई भर्तियों में 100% पद बढ़े | नीरव मोदी के भाई निहाल मोदी को अमेरिका में किया गया गिरफ्तार: PNB घोटाले से जुड़े सबूत मिटाने का आरोप, भारत ने की थी प्रत्यर्पण की अपील | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले - भारतीय प्रवासियों ने दुनिया को भारत की संस्कृति और मूल्यों से जोड़े रखा, पूर्वजों की कठिनाइयों ने उम्मीद को नहीं तोड़ा | CM रेखा गुप्ता के बंगले के रेनोवेशन पर बवाल: एसी-टीवी से भरा टेंडर, विपक्ष ने कहा 'मायामहल' |