जोधपुर: नया साल 2026 शुरू होते ही जहां लोग सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए एक-दूसरे को शुभकामनाएं भेजने में व्यस्त हैं, वहीं इस मौके का फायदा उठाकर साइबर ठग भी पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। नए साल की बधाई के बहाने साइबर अपराधी लोगों को खतरनाक लिंक और APK फाइल भेजकर उनके मोबाइल हैक कर रहे हैं।
इसको लेकर जोधपुर पुलिस ने आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और किसी भी संदिग्ध संदेश को नजरअंदाज करने की सलाह दी है।
जोधपुर के एसीपी आनंद सिंह राजपुरोहित ने बताया कि नए साल के मौके पर साइबर ठगी के मामलों में हर साल तेजी देखी जाती है। ठग नए साल की शुभकामनाएं, हैप्पी न्यू ईयर कार्ड या वॉलपेपर डाउनलोड करने जैसे आकर्षक मैसेज भेजते हैं, जिनके साथ APK फाइल अटैच रहती है।
जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड करता है, ठग उसके मोबाइल पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लेते हैं। इसके बाद वे:
बैंक अकाउंट डिटेल्स
UPI पिन
पासवर्ड
निजी फोटो और डेटा
तक चुरा लेते हैं। कई मामलों में इससे लाखों रुपए की ठगी भी हो चुकी है।
एसीपी राजपुरोहित ने बताया कि साइबर अपराधी अनजान नंबरों और फर्जी आईडी से वायरस युक्त APK फाइल भेजते हैं। फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल हैक हो जाता है और पीड़ित को इसकी भनक तक नहीं लगती।
उन्होंने कहा कि लोग किसी भी अनजान या संदिग्ध मैसेज को न खोलें, चाहे वह किसी जान-पहचान वाले के नाम से ही क्यों न आया हो।
APK फाइल कभी डाउनलोड न करें।
अनजान नंबर या आईडी से आई फाइल को तुरंत डिलीट करें।
बधाई संदेश में आए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
मोबाइल ऐप्स केवल Google Play Store या Apple App Store से ही इंस्टॉल करें।
मोबाइल में अपडेटेड एंटीवायरस सॉफ्टवेयर रखें और नियमित स्कैन करें।
साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
नए साल की खुशियों के बीच साइबर ठग लोगों की लापरवाही का फायदा उठा रहे हैं। ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। किसी भी अनजान मैसेज, लिंक या APK फाइल से दूरी बनाकर रखकर ही साइबर ठगी से खुद को सुरक्षित रखा जा सकता है।
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