जयपुर: राजधानी जयपुर में नौकरी दिलाने के नाम पर युवक से लूट करने वाली एक शातिर गैंग का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस थाना ब्रह्मपुरी, जयपुर नॉर्थ की टीम ने इस मामले में गैंग के मुख्य सरगना सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों का इलाके में जुलूस भी निकाला गया, जिससे आम लोगों में पुलिस की सख्ती का संदेश जाए।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने रोजगार दिलाने का झांसा देकर युवक को जयपुर बुलाया और फिर सुनसान इलाके में ले जाकर उसके साथ मारपीट कर लूट की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई पूरी रकम एक लाख रुपए और पीड़ित का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।
पीड़ित परमेश पुत्र सीताराम ने 1 जनवरी को ब्रह्मपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि करीब एक महीने पहले उसकी पहचान उदय मेहरा नामक युवक से हुई थी, जिसने उसे जयपुर में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। आरोपी के कहने पर पीड़ित जयपुर आया और 30 दिसंबर 2025 की शाम करीब 8 बजे उदय मेहरा उसे काम दिलाने के बहाने जलमहल की पाल पर ले गया।
वहां पहले से मौजूद उसके अन्य साथी भी आ गए। सभी आरोपियों ने मिलकर पीड़ित को जंगल की ओर ले जाकर मारपीट की और जान से मारने की धमकी देकर पैसों की मांग की। डर के कारण पीड़ित ने अपने पिता से एक लाख रुपए अपने खाते में डलवाए, जिसे आरोपियों ने पीड़ित के मोबाइल से यूपीआई के जरिए ट्रांसफर कर लिया। इसके बाद उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।
मामला दर्ज होने के बाद थानाधिकारी राजेश गौतम के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की गतिविधियों का रूट चार्ट तैयार किया। लगातार पीछा करते हुए पुलिस ने सभी आरोपियों को डिटेन कर गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया कि पूरे घटनाक्रम की साजिश गैंग का मुख्य सरगना उदय मेहरा ने रची थी, जिसने पहले पीड़ित को नौकरी का झांसा देकर जयपुर बुलाया और फिर सुनसान जगह पर लूट की योजना को अंजाम दिया।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य सरगना उदय मेहरा (21) पुत्र रिंकु मेहरा के साथ उसके साथी
आनंद नागर (19) पुत्र सुरेश कुमार नागर
वंश भटनागर (20) पुत्र भगवान सहाय भटनागर
समीर सक्सैना उर्फ चिनु सक्सैना (21) पुत्र सुरेश सक्सैना
करण सिंह सोंलकी (25) पुत्र प्रताप सिंह सोंलकी
को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में जुलूस निकालकर कोर्ट में पेश किया गया।
डीसीपी जयपुर नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। आशंका है कि यह गैंग इससे पहले भी इसी तरह नौकरी का झांसा देकर अन्य लोगों से लूट की घटनाओं को अंजाम दे चुकी है। पुलिस अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
जयपुर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से नौकरी के नाम पर ठगी और लूट करने वाली गैंग का पर्दाफाश हुआ है। यह मामला युवाओं के लिए चेतावनी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या एजेंट के झांसे में आने से पहले पूरी जानकारी और सत्यापन जरूर करें। वहीं, पुलिस का कहना है कि इस तरह के अपराधों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।
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