अमृतसर के नायब सूबेदार प्रगट सिंह जम्मू-कश्मीर में शहीद, आज आएगा पार्थिव शरीर; मां बोलीं– मेरा बेटा जांबाज था

अमृतसर। पंजाब के अमृतसर जिले के रामदास क्षेत्र के रहने वाले भारतीय सेना के नायब सूबेदार प्रगट सिंह (31) जम्मू-कश्मीर में देश सेवा के दौरान शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। शहीद का पार्थिव शरीर आज दोपहर बाद हवाई मार्ग से श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, राजासांसी पहुंचेगा, जहां से उसे उनके पैतृक गांव रामदास ले जाया जाएगा।

गांव में लोग अंतिम दर्शन कर सकेंगे, जबकि कल पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।


अनंतनाग में थी तैनाती, 19 राष्ट्रीय राइफल्स में थे तैनात

सेना से मिली जानकारी के अनुसार, नायब सूबेदार प्रगट सिंह भारतीय सेना की 19 राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट में सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान में उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में थी। वे पिछले करीब नौ वर्षों से लगातार संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण इलाकों में तैनात रहकर देश की सुरक्षा में योगदान दे रहे थे।


ऑक्सीजन की कमी से आया हार्ट अटैक

परिवार को सेना की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रगट सिंह की मौत ऑक्सीजन की कमी के चलते हार्ट अटैक से हुई। शहादत से एक दिन पहले देर शाम उन्होंने परिवार से फोन पर बातचीत की थी। बातचीत के दौरान उन्होंने सांस फूलने की शिकायत की थी और ज्यादा देर तक बात नहीं कर पाए थे।

परिवार ने उन्हें डॉक्टर को दिखाने और आराम करने की सलाह दी थी, लेकिन आज सुबह शहादत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया।


2015 में सेना में भर्ती, डेढ़ माह पहले ही छुट्टी से लौटे थे

नायब सूबेदार प्रगट सिंह 23 दिसंबर 2015 को भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वे लगभग 11 वर्षों से सेना में सेवा दे रहे थे। करीब डेढ़ माह पहले ही वे छुट्टी काटकर अपने गांव आए थे और कुछ सप्ताह पहले ही ड्यूटी पर वापस लौटे थे।

उनके भाई ने बताया कि 21 जनवरी 2025 को उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में हुई थी।


मां बोलीं– मेरा बेटा जांबाज था

शहीद की मां बेटे की तस्वीर हाथ में लिए गुमसुम बैठी हैं। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को कभी कोई बड़ी बीमारी नहीं हुई।
उन्होंने कहा,
“मेरा बेटा बहुत जांबाज था। उसे कभी सिर दर्द तक नहीं हुआ। कल रात 8 बजे ही बात हुई थी। यकीन नहीं हो रहा कि वह अब हमारे बीच नहीं है।”


दो छोटे बच्चों को छोड़ गए शहीद

नायब सूबेदार प्रगट सिंह अपने पीछे पत्नी, दो छोटे बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गए हैं। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव रामदास में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।


सीएम भगवंत मान ने जताया शोक

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी शहीद जवान की शहादत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—
“देश के लिए नायब सूबेदार प्रगट सिंह के साहस और जज्बे को दिल से सलाम। शहीद जवान के परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं। इस कठिन समय में पंजाब सरकार परिवार के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।”


निष्कर्ष:

नायब सूबेदार प्रगट सिंह की शहादत ने एक बार फिर साबित किया कि देश की सुरक्षा में तैनात जवान हर पल जोखिम में रहते हैं। उन्होंने मातृभूमि की सेवा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा। पूरा देश उनके साहस, समर्पण और शहादत को नमन करता है।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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