वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वाराणसी में आयोजित 72वीं नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को काशी की प्रसिद्ध कहावत सुनाते हुए कहा—
“हमारे बनारस में कहा जाता है, ‘बनारस के जानय के चाहत हऊवै तो बनारस आवै के पड़ी’, यानी बनारस को जानना है तो बनारस आना पड़ेगा। आप सब बनारस आए हैं, अब काशी की आत्मा को भी जान पाएंगे।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के 28 राज्यों की टीमें इस प्रतियोगिता में भाग ले रही हैं, जो ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करती हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस चैंपियनशिप में बनारस का उत्साह और जोश हमेशा की तरह हाई रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा—
“हमें बहुत गर्व होता है, जब Gen Z को खेल के मैदान में तिरंगा फहराते देखते हैं। यह नया भारत आत्मविश्वास से भरा हुआ है और यह आत्मविश्वास खेलों में भी साफ नजर आता है।”
उन्होंने कहा कि वॉलीबॉल सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि संतुलन, सहयोग और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
“नेट के इस पार-उस पार संतुलन और तालमेल जरूरी है। यही भावना देश के विकास में भी दिखाई देती है।”
पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत में खेलों को लेकर बड़ा बदलाव आया है।
“एक समय था जब खेलों को समय की बर्बादी माना जाता था, लेकिन आज खेल जीवन के सर्वांगीण विकास का अहम हिस्सा बन चुके हैं। भारत की इकोनॉमी और ग्रोथ की दुनिया में तारीफ हो रही है और यही आत्मविश्वास खिलाड़ियों में भी नजर आता है।”
कार्यक्रम में मौजूद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा—
“पिछले 11 वर्षों में भारत ने एक नई खेल संस्कृति को उभरते देखा है। प्रधानमंत्री मोदी की पहल ‘खेलो इंडिया’ ने खेलों को करियर और चरित्र निर्माण का साधन बना दिया है।”
उन्होंने कहा कि अब खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण का माध्यम बन चुके हैं।
वाराणसी को 43 साल बाद नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप की मेजबानी मिली है
इससे पहले 1984 में उत्तर प्रदेश में इसका आयोजन हुआ था
इस बार प्रतियोगिता में देशभर की 58 टीमें हिस्सा ले रही हैं
यूपी पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयांस सिंह (यूपी पुलिस) कर रहे हैं, जबकि महिला टीम की कप्तान प्रियंका (यूपी पुलिस) हैं। उद्घाटन मुकाबला यूपी और बिहार की पुरुष टीमों के बीच खेला गया।
उद्घाटन से पहले सिगरा स्टेडियम में खिलाड़ियों ने बैंड की धुनों के साथ मार्च पास्ट किया। पूरे स्टेडियम में ‘सारे जहां से अच्छा’ की गूंज सुनाई दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उपमुख्यमंत्री और काशी के महापौर अशोक तिवारी ने स्मृति चिन्ह भेंट किया।
72वीं नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन न केवल वाराणसी के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह भारत में बदलती खेल संस्कृति और युवा शक्ति के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संदेशों ने खिलाड़ियों में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया है। यह आयोजन काशी को खेलों के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
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