दौसा की पंचायतों का नया नक्शा तैयार! 92 नई ग्राम पंचायतें बनीं, 362 सरपंच संभालेंगे गांवों की कमान

दौसा। दौसा जिले में पंचायत पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ग्रामीण प्रशासन का पूरा ढांचा बदल गया है। ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के पुनर्गठन के उपरांत जिला कलक्टर देवेंद्र कुमार यादव ने संशोधित प्रथम प्रकाशन अधिसूचना जारी कर दी है। इसके अनुसार अब जिले में 270 के बजाय 362 ग्राम पंचायतें होंगी। यानी 92 नई ग्राम पंचायतों का सृजन किया गया है।

इस नए प्रशासनिक ढांचे के तहत जिले के गांवों की बागडोर 362 सरपंचों, 14 प्रधानों और एक जिला प्रमुख के हाथों में होगी।


पंचायत समितियों और जिला परिषद वार्डों में भी इजाफा

पुनर्गठन के बाद जिले में पंचायत समितियों की संख्या 12 से बढ़कर 14 कर दी गई है। वहीं जिला परिषद के वार्ड 29 से बढ़कर 37 हो गए हैं। प्रशासन का मानना है कि इस बदलाव से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व मजबूत होगा और प्रशासनिक पहुंच बेहतर बनेगी।


किस पंचायत समिति में कितनी नई ग्राम पंचायतें?

संशोधित सूची के अनुसार विभिन्न पंचायत समितियों में नई ग्राम पंचायतों का वितरण इस प्रकार है—

  • बांदीकुई – 13 नई ग्राम पंचायतें (सबसे अधिक)

  • रामगढ़-पचवारा – 10

  • मनोहरपुर-खेड़ला – 9

  • नांगल राजावतान – 8

  • महुवा – 8

  • दौसा – 7

  • शिवसिंहपुरा – 7

  • लालसोट – 6

  • सिकंदरा – 6

  • लवाण – 5

  • बैजुपाड़ा – 5

  • मंडावर – 4

  • बसवा – 3

  • सिकराय – 2 (सबसे कम)


पूर्व सूचियों की त्रुटियों में किया गया सुधार

जिला प्रशासन के अनुसार 21 और 24 नवंबर को जारी पूर्व सूचियों में कुछ लिपिकीय त्रुटियां सामने आई थीं। इन्हीं त्रुटियों को ध्यान में रखते हुए संशोधन किया गया है। नई अधिसूचना में पंचायत समितियों और ग्राम पंचायतों के वार्ड वितरण को पूरी तरह दुरुस्त किया गया है।


6 जनवरी तक मांगी गई आपत्तियां

प्रशासन ने संशोधित प्रथम प्रकाशन पर 6 जनवरी तक आपत्तियां आमंत्रित की हैं। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त आपत्तियों के निस्तारण के उपरांत अंतिम सूची जारी की जाएगी।


ग्रामीण शासन व्यवस्था में बड़ा बदलाव

प्रशासन का कहना है कि इस पंचायत पुनर्गठन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करना, सुशासन को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति देना है। नई ग्राम पंचायतों के गठन से ग्रामीण जनता को प्रशासनिक सेवाएं और योजनाओं का लाभ और अधिक प्रभावी ढंग से मिलने की उम्मीद है।


निष्कर्ष:

दौसा जिले में पंचायत पुनर्गठन से ग्रामीण शासन व्यवस्था को नई दिशा मिली है। 92 नई ग्राम पंचायतों, 14 पंचायत समितियों और 37 जिला परिषद वार्डों के साथ अब प्रशासनिक ढांचा अधिक व्यापक और प्रभावी होगा। आने वाले पंचायत चुनावों में यह नया ढांचा जिले की राजनीति और विकास दोनों की दिशा तय करेगा।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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