राजस्थान में खुला विदेशी नागरिकों का ऑफिस: अब वीजा बढ़वाने से OCI तक के लिए नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली

जयपुर। राजस्थान आने वाले विदेशी पर्यटकों, छात्रों, मरीजों और विदेश में बसे भारतीय मूल के नागरिकों (NRI) के लिए बड़ी राहत की खबर है। नए साल के साथ ही जयपुर में फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) की शुरुआत हो चुकी है। अब वीजा से जुड़े कामों के लिए दिल्ली के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

जयपुर के झालाना तिराहे पर स्थित इस नए ऑफिस से वीजा एक्सटेंशन, वीजा कन्वर्जन, मेडिकल वीजा, एग्जिट परमिशन और ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड से जुड़े सभी काम किए जाएंगे। ऑफिस में आईपीएस अधिकारी सहित पूरा प्रशासनिक अमला तैनात कर दिया गया है।

FRRO कैसे करेगा काम?
FRRO जयपुर के डायरेक्टर आईपीएस रमेश यादव के अनुसार, भारत में आने वाला हर विदेशी नागरिक इमिग्रेशन चेक पोस्ट से होकर गुजरता है। राजस्थान में जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और बाड़मेर का मुनाबाव लैंड पोर्ट मौजूद है। एयर रूट से आने वाले विदेशी जयपुर एयरपोर्ट पर ई-वीजा या एम्बेसी वीजा के जरिए प्रवेश करते हैं, जहां FRRO की टीम जांच के बाद उन्हें देश में प्रवेश की अनुमति देती है।

कुछ विदेशी जयपुर में सीधे न उतरकर अन्य मार्गों से राजस्थान में आते हैं। ऐसे मामलों में उनकी सुरक्षा और पहचान से जुड़ी जानकारी की जांच FRRO द्वारा की जाती है।

वीजा एक्सटेंशन अब जयपुर में
अगर कोई विदेशी 15 दिन के टूरिस्ट वीजा पर राजस्थान आया है और उसे ज्यादा दिन रुकना है, तो अब उसे दिल्ली नहीं जाना पड़ेगा। वह सीधे FRRO जयपुर में रजिस्ट्रेशन कराकर वीजा अवधि बढ़वा सकता है।

वीजा कन्वर्जन की सुविधा भी यहीं
एजुकेशन वीजा पर आए विदेशी अगर इलाज की जरूरत पड़ने पर मेडिकल वीजा में कन्वर्जन कराना चाहते हैं, तो यह प्रक्रिया भी FRRO जयपुर में पूरी होगी। मेडिकल वीजा पर 80 दिन से अधिक रुकने के लिए सभी इलाज से जुड़े दस्तावेज जमा कराने होंगे।

OCI कार्ड का रजिस्ट्रेशन
विदेशों में नागरिकता ले चुके भारतीय मूल के लोगों के लिए OCI कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया भी अब जयपुर में ही होगी। इंटरव्यू और रजिस्ट्रेशन के बाद OCI कार्ड जारी किया जाएगा।

होटल और अस्पतालों पर निगरानी
FRRO जयपुर होटल, हॉस्पिटल और शिक्षण संस्थानों को विदेशी नागरिकों की जानकारी रखने के लिए जागरूक कर रहा है। राजस्थान के लगभग 22 हजार होटल्स को विदेशी मेहमानों का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य है।

होटल और हॉस्पिटल को रोजाना C-Form, जबकि मेडिकल और एजुकेशनल संस्थानों को S-Form भरकर FRRO पोर्टल पर अपलोड करना होता है। वीजा अवधि खत्म होने के बाद ओवर-स्टे पाए जाने पर सख्त कार्रवाई और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया अपनाई जाती है।

बीमारी की स्थिति में एग्जिट परमिशन
अगर कोई विदेशी इलाज के दौरान यात्रा करने की स्थिति में नहीं है, तो उसकी स्थिति की जांच FRRO टीम मौके पर जाकर करती है। स्वस्थ होने के बाद एग्जिट परमिशन भी इसी ऑफिस से जारी की जाती है।

निष्कर्ष:
जयपुर में FRRO ऑफिस की शुरुआत से राजस्थान आने वाले विदेशी नागरिकों और NRI को बड़ी सुविधा मिली है। वीजा एक्सटेंशन से लेकर OCI कार्ड तक सभी सेवाएं अब एक ही छत के नीचे मिलेंगी, जिससे न सिर्फ समय बचेगा बल्कि पर्यटन, शिक्षा और मेडिकल टूरिज्म को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

Written By

Rajat Kumar RK

Desk Reporter

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