इस हाई-प्रोफाइल ऑपरेशन में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनसे फिलहाल गहन पूछताछ जारी है।
जानकारी के अनुसार, दिल्ली स्थित DRI की विशेष टीम पिछले करीब दो महीनों से इस तस्करी नेटवर्क पर नजर रखे हुए थी। शुरुआती इनपुट के आधार पर टीम ने पहले एक फैक्ट्री पर दबिश दी, जहां से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।
पूछताछ में सामने आया कि फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ दूसरे राज्य में सप्लाई किया जा चुका है। इसके बाद DRI टीम ने पूरे नेटवर्क का तकनीकी और फिजिकल सर्विलांस शुरू किया।
11 और 12 जनवरी की दरम्यानी रात DRI ने स्थानीय पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर डीडवाना-कुचामन इलाके के एक टोल नाके के पास महाराष्ट्र नंबर के एक ट्रक को रोका।
जांच के दौरान ट्रक में रखे मुर्गी के फीड के कट्टों के बीच 9 बोरियों में 270.30 किलोग्राम MDMA ड्रग्स छिपाकर रखी गई थी। तुरंत खेप को जब्त कर एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
जांच में सामने आया है कि यह मादक पदार्थ मध्य प्रदेश में सप्लाई किया जाना था। पकड़े गए आरोपी दूसरे राज्यों के निवासी हैं और इनमें से कुछ पहले भी ड्रग्स तस्करी के मामलों में शामिल रह चुके हैं।
तस्करी के दौरान गिरोह की रणनीति बेहद संगठित थी—
एक गाड़ी ट्रक को एस्कॉर्ट कर रही थी
अलग-अलग स्तर पर नेटवर्क फैला हुआ था
DRI ने इस कार्रवाई में—
2 एस्कॉर्ट वाहन चालक,
1 ट्रक ड्राइवर,
1 खलासी,
और 2 फैक्ट्री संचालकों को गिरफ्तार किया है।
जब्त MDMA की पुष्टि के लिए एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर सैंपलिंग कराई गई। सभी आरोपियों को मंगलवार को सीकर के विशेष NDPS कोर्ट (डीजे कोर्ट) में पेश किया गया।
अब DRI यह भी जांच कर रही है कि—
ड्रग्स का कच्चा माल कहां से आया,
नेटवर्क का अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन क्या है,
और इससे पहले कितनी खेप सफलतापूर्वक सप्लाई की जा चुकी है।
मुर्गी फीड की आड़ में की जा रही यह तस्करी साबित करती है कि नशे का कारोबार कितना संगठित और खतरनाक रूप ले चुका है। DRI की इस कार्रवाई ने न केवल एक बड़ी खेप जब्त की, बल्कि ड्रग्स माफिया के एक सक्रिय नेटवर्क को भी बेनकाब किया है। आने वाले दिनों में इस केस से और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.