दौसा: जिले के सैंथल उपखंड में जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से चलाए जा रहे ‘मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान’ ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। अभियान के शुभारंभ पर दौसा विधायक दीनदयाल (डीसी) बैरवा ने भाजपा सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार जानबूझकर मनरेगा योजना को कमजोर कर रही है।
विधायक बैरवा ने कहा कि कांग्रेस गरीब, मजदूर और बेरोजगारों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
अभियान के तहत विधायक बैरवा ने महेश्वरा खुर्द, महेश्वरा कला, जसोता, बिशनपुरा, काबलेश्वर, सैंथल बोरोदा और चोरडी सहित कई गांवों का दौरा किया। इन गांवों में जनसंपर्क रैलियां निकाली गईं और ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया, जहां ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया।
विधायक ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण मनरेगा के तहत काम के दिन घटाए जा रहे हैं, मजदूरी भुगतान में देरी हो रही है और जॉब कार्ड से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस सरकार पर दबाव बनाएगी।
राजनीतिक गलियारों में इस अभियान को कांग्रेस की पंचायत चुनावों से पहले की रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी ने सांसदों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों को सीधे गांवों में भेजकर ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने की योजना बनाई है।
दौसा जिले की सभी विधानसभाओं में यह अभियान एक साथ चलाया जा रहा है, ताकि पूरे जिले को मनरेगा बचाओ आंदोलन का मजबूत केंद्र बनाया जा सके।
कांग्रेस का फोकस मनरेगा मजदूरों, छोटे किसानों और ग्रामीण बेरोजगारों पर है। यह वर्ग पंचायत स्तर से लेकर जिला परिषद तक के चुनाव परिणामों में निर्णायक भूमिका निभाता है। पार्टी इन वर्गों को एकजुट कर चुनावी बढ़त हासिल करना चाहती है।
ग्राम सभाओं के दौरान ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने कम मजदूरी, समय पर भुगतान नहीं होने, जॉब कार्ड में गड़बड़ी और काम के सीमित दिनों को लेकर नाराजगी जताई।
विधायक दीनदयाल बैरवा ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मनरेगा से जुड़े सभी मुद्दों को विधानसभा में मजबूती से उठाया जाएगा।
अभियान के दौरान प्रधान प्रहलाद नारायण मीणा, लवाण प्रधान बीना बैरवा, सैंथल मंडल अध्यक्ष गोविंद सिंह राजावत, प्रभु नारायण मीणा, दौसा महिला जिला कांग्रेस अध्यक्ष सहित कई कांग्रेस नेता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
सैंथल में पहुंचे मनरेगा बचाओ संघर्ष अभियान ने कांग्रेस की ग्रामीण राजनीति को नई धार दी है। भाजपा सरकार पर हमलों और मजदूरों की समस्याओं को केंद्र में रखकर कांग्रेस पंचायत चुनावों से पहले अपनी जमीन मजबूत करने में जुट गई है। आने वाले दिनों में यह अभियान दौसा जिले की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है।
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