पाकिस्तान: इस समय गंभीर ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़ा है। देश के पास केवल 11 दिनों का कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) बचा है, जबकि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और सप्लाई चेन में बाधाओं ने हालात को और जटिल बना दिया है। इस बीच रूस ने पाकिस्तान को सस्ता तेल देने की पेशकश की है, लेकिन इसके लिए पाकिस्तान को खुद पहल करनी होगी।
पाकिस्तान में रूस के राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने स्पष्ट किया है कि उनका देश पाकिस्तान को कम कीमत पर तेल सप्लाई करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि अभी तक पाकिस्तान की ओर से कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया गया है। यदि इस दिशा में पहल होती है, तो रूस सहयोग करने को तैयार है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रूसी कच्चे तेल की कीमत 70 से 76 डॉलर प्रति बैरल के बीच है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में 95 से 105 डॉलर प्रति बैरल की तुलना में काफी कम है। ऐसे में यह विकल्प पाकिस्तान के लिए राहत का जरिया बन सकता है।
वहीं, पाकिस्तान के पेट्रोलियम सचिव ने संसद की एक समिति को बताया कि देश में केवल 11 दिन का तेल स्टॉक बचा है। देश की दैनिक जरूरत लगभग 5 से 6 लाख बैरल है, जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। पेट्रोल और डीजल की कीमतें भी आम जनता की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं—पेट्रोल 321 पाकिस्तानी रुपए और डीजल 335 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच चुका है।
ऊर्जा संकट के बीच पाकिस्तान सरकार ईरान से भी बातचीत कर रही है, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते तेल लाने की अनुमति मिल सके। यदि मंजूरी मिलती है, तो पाकिस्तान के चार जहाज इस मार्ग से तेल ला सकते हैं। हालांकि, क्षेत्र में जारी तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण यह रास्ता भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा रहा।
पाकिस्तान अपनी लगभग 70 प्रतिशत तेल जरूरत मिडिल ईस्ट देशों से पूरी करता है। लेकिन मौजूदा हालात में शिपिंग रूट प्रभावित हुए हैं और तेल की डिलीवरी में देरी हो रही है। जहां पहले तेल 4 से 5 दिनों में पहुंच जाता था, अब रेड सी के रास्ते आने में 10 से 12 दिन लग रहे हैं। इससे लागत भी बढ़ गई है और आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।
इसके साथ ही, पाकिस्तान में गैस संकट भी गहराता जा रहा है। कतर से आने वाली LNG सप्लाई लगभग ठप हो चुकी है। मार्च में आने वाले 8 LNG कार्गो में से केवल 2 ही पहुंच पाए, जबकि अप्रैल में भी आधे से ज्यादा कार्गो के नहीं पहुंचने की आशंका है। ऐसे में सरकार घरेलू उपयोग के लिए गैस बचाने पर विचार कर रही है।
हालात को संभालने के लिए पाकिस्तान सरकार ने 23 अरब पाकिस्तानी रुपए की सब्सिडी देने का ऐलान किया है। यह सब्सिडी खास तौर पर मोटरसाइकिल और रिक्शा चालकों को दी जाएगी, जिनकी संख्या लगभग 3 करोड़ बताई जा रही है। यह कदम आम लोगों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करने के लिए उठाया गया है।
हालांकि, रूस से तेल खरीदने का अनुभव पाकिस्तान के लिए पहले बहुत सफल नहीं रहा है। 2023 में जब रूस ने पाकिस्तान को तेल सप्लाई किया था, तब तकनीकी और लॉजिस्टिक समस्याएं सामने आई थीं। पाकिस्तान की रिफाइनरियों को रूसी तेल प्रोसेस करने में कठिनाई हुई, क्योंकि इससे पेट्रोल और डीजल कम और फर्नेस ऑयल ज्यादा बनता था।
इसके अलावा, लंबी दूरी और ट्रांसपोर्टेशन की जटिलताओं के कारण शिपिंग लागत भी बढ़ गई थी। पाकिस्तान के बंदरगाह बड़े जहाजों को सीधे हैंडल नहीं कर पाते, जिससे तेल को छोटे जहाजों में ट्रांसफर करना पड़ता है। इससे लागत और बढ़ जाती है। साथ ही भुगतान के लिए विदेशी मुद्रा की कमी भी एक बड़ी चुनौती बनी रही।
इस बीच, वैश्विक स्तर पर भी तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। हाल ही में अमेरिका ने सीमित अवधि के लिए देशों को रूसी तेल खरीदने की छूट दी है, ताकि बाजार में सप्लाई बढ़ाई जा सके और कीमतों को नियंत्रित किया जा सके। लेकिन पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई होती है, इस संकट का केंद्र बना हुआ है। इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बाधा का सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो पाकिस्तान का ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.