किस टीम ने मारी बाज़ी? बांदीकुई में राजस्थान दिवस क्विज में इतिहास-भूगोल के कठिन सवालों ने बढ़ाया रोमांच

राजस्थान दिवस: सप्ताह के अवसर पर बांदीकुई के राजेश पायलट राजकीय पीजी कॉलेज में एक रोचक और ज्ञानवर्धक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में छात्रों ने इतिहास, भूगोल, कला और साहित्य से जुड़े सवालों का जवाब देकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहर से जोड़ना था। प्रतियोगिता में छात्रों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी.एल. सैनी ने बताया कि राजस्थान दिवस सप्ताह के तहत इस तरह की गतिविधियां छात्रों के ज्ञान को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक भी बनाती हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान का गौरवशाली इतिहास युवाओं को आत्मसम्मान और साहस के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

प्रतियोगिता का संचालन संयोजक डॉ. विनोद कुमार बैरवा द्वारा किया गया। उनके अनुसार, क्विज में राजस्थान के किलों, लोक देवताओं, नदियों, ऐतिहासिक घटनाओं और राजस्थानी साहित्य से जुड़े प्रश्न पूछे गए।

इस प्रतियोगिता का निर्देशन कैलाशचंद मीणा ने किया, जिनके मार्गदर्शन में कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।

प्रतियोगिता के दौरान छात्रों में काफी उत्साह देखने को मिला। हर सवाल के साथ प्रतिस्पर्धा और भी रोचक होती गई। प्रतिभागियों ने तेजी और सटीकता के साथ उत्तर देकर दर्शकों को प्रभावित किया।

प्रतियोगिता के अंत में टीम 'ए' ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। इस टीम में समीक्षा मीना, शिवानी गुर्जर, लक्की गौड, दिव्या राजपूत और अमन प्रताप सिंह शामिल थे। उनकी बेहतरीन तैयारी और टीम वर्क ने उन्हें जीत दिलाई।

विजेता टीम को कॉलेज प्रशासन द्वारा सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण के दौरान छात्रों के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विष्णु शर्मा, हरिकिशन मीना और अंजुलता यादव सहित अन्य स्टाफ सदस्य भी उपस्थित रहे।

इस मौके पर प्राचार्य ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं न केवल ज्ञानवर्धन का माध्यम हैं, बल्कि यह छात्रों में आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना भी विकसित करती हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे छात्र अपनी जड़ों से जुड़े रहें और अपनी सांस्कृतिक पहचान को समझ सकें।

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के डिजिटल युग में जहां युवा तेजी से आधुनिकता की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे में इस प्रकार के आयोजन उन्हें अपनी परंपराओं और इतिहास से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कुल मिलाकर यह क्विज प्रतियोगिता छात्रों के लिए एक यादगार अनुभव साबित हुई, जहां उन्होंने सीखने के साथ-साथ प्रतियोगिता का आनंद भी लिया।


निष्कर्ष:

बांदीकुई के राजेश पायलट कॉलेज में आयोजित क्विज प्रतियोगिता ने छात्रों को राजस्थान की समृद्ध विरासत से जोड़ने का सफल प्रयास किया। इस तरह के आयोजन शिक्षा के साथ संस्कृति को भी मजबूत बनाते हैं।

Written By

Chanchal Rathore

Desk Reporter

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