राजस्थान: के Udaipur में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शहर के TB हॉस्पिटल परिसर में करीब 3 करोड़ रुपये की लागत से ‘अटल फूड कोर्ट’ बनाया जाएगा, जो न केवल मरीजों बल्कि उनके अटेंडेंट्स और अस्पताल स्टाफ के लिए भी बड़ी राहत लेकर आएगा।
इस फूड कोर्ट में सामान्य भोजन के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के व्यंजन उपलब्ध होंगे। मरीज और उनके परिजन यहां दाल-चावल, चपाती-सब्जी जैसे रोजमर्रा के खाने के अलावा बर्गर, पिज्जा, सैंडविच, फ्राइज जैसे फास्ट फूड का भी आनंद ले सकेंगे।
इसके साथ ही छोले-भटूरे, थाली, डोसा, इडली-सांभर, राजस्थानी और गुजराती व्यंजन, नूडल्स, मंचूरियन, मोमो, जूस, शेक और कॉफी जैसी विविध डिशेज भी उपलब्ध होंगी। इस तरह यह फूड कोर्ट हर वर्ग और स्वाद को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया जा रहा है।
क्षय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज आर्य के अनुसार, यह फूड कोर्ट करीब 3000 वर्गफुट क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसमें कई अलग-अलग काउंटर होंगे, जहां टोकन सिस्टम के जरिए भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
परिसर में एक कॉमन सीटिंग एरिया भी बनाया जाएगा, जहां लोग आराम से बैठकर खाना खा सकेंगे। मेज-कुर्सियों की पर्याप्त व्यवस्था होगी, जिससे मरीजों और स्टाफ को सुविधा मिल सके।
इस फूड कोर्ट की खास बात इसका आधुनिक सेल्फ-सर्विस सिस्टम होगा। लोगों को काउंटर पर ऑर्डर देना होगा और खाना तैयार होने के बाद खुद जाकर लेना होगा।
ऑर्डर तैयार होने पर बजर बजेगा और टोकन नंबर डिजिटल स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा। भुगतान के लिए नकद और ऑनलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध होंगे। इस सिस्टम से समय की बचत होगी और भीड़ प्रबंधन भी बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
फूड कोर्ट के संचालन के लिए किसी निजी एजेंसी या डेयरी संस्था (जैसे सरस डेयरी) को जिम्मेदारी दी जा सकती है। इससे गुणवत्ता और सेवा का स्तर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
निर्माण कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा किया जाएगा। उम्मीद है कि अप्रैल के अंत तक काम शुरू हो जाएगा और लगभग तीन महीने में यह परियोजना पूरी कर ली जाएगी।
अब तक अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को खाने और बैठने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। दूर-दराज से आने वाले लोगों को कैंटीन या आसपास जगह ढूंढनी पड़ती थी।
अस्पताल स्टाफ को भी खाने के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाता था। इस फूड कोर्ट के बनने से यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी और सभी को एक स्थायी और साफ-सुथरी जगह मिल सकेगी।
अस्पताल परिसर होने के कारण इस फूड कोर्ट में स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ साफ-सफाई के मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा।
गौरतलब है कि इस अस्पताल में रोजाना 20-25 मरीज भर्ती रहते हैं, जबकि ओपीडी में 125-150 मरीज आते हैं। ऐसे में इस तरह की सुविधा हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ पहुंचाएगी।
RNT Medical College के प्रधानाचार्य डॉ. राहुल जैन ने बताया कि अब बड़े अस्पतालों में फूड कोर्ट का कॉन्सेप्ट तेजी से अपनाया जा रहा है।
उनके अनुसार, इससे मरीजों, अटेंडेंट्स और स्टाफ को बेहतर गुणवत्ता का भोजन मिलता है और उन्हें थोड़ी राहत भी मिलती है। यह सुविधा अस्पताल के अनुभव को और बेहतर बनाती है।
Udaipur के TB हॉस्पिटल में बनने वाला ‘अटल फूड कोर्ट’ स्वास्थ्य सेवाओं में एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। यह न केवल भोजन की सुविधा को बेहतर बनाएगा, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों के लिए एक आरामदायक वातावरण भी तैयार करेगा। आने वाले समय में यह मॉडल अन्य अस्पतालों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
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