राजस्थान: के Sikar में इस बार Ram Navami का पर्व बेहद भव्य और खास अंदाज में मनाया जाएगा। रामनवमी की पूर्व संध्या यानी 25 मार्च को शहर में एक विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें 1100 महिलाएं कलश लेकर शामिल होंगी। इस आयोजन को लेकर शहर में उत्साह का माहौल बना हुआ है।
बैजनाथ सोभासरिया ट्रस्ट के अध्यक्ष Prahlad Rai Agrawal ने बताया कि शोभायात्रा में 1100 महिलाएं एक जैसी साड़ी पहनकर सिर पर कलश धारण करेंगी। वे भगवान श्रीराम के बैनर के साथ पूरे अनुशासन और श्रद्धा के साथ यात्रा में भाग लेंगी।
इसके साथ ही पुरुष भी एक जैसी पारंपरिक साफा पहनकर शोभायात्रा में शामिल होंगे, जिससे आयोजन में एकरूपता और भव्यता का विशेष दृश्य देखने को मिलेगा।
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष घनश्याम प्रसाद अग्रवाला के अनुसार, शोभायात्रा में 2 हाथी, 4 ऊंट और 11 घोड़ी शामिल होंगी। इसके अलावा 11 जीवंत झांकियां भी निकाली जाएंगी, जो धार्मिक और सांस्कृतिक प्रसंगों को दर्शाएंगी।
लोक कलाकारों द्वारा किए जाने वाले करतब और बैंड-बाजे की धुन इस शोभायात्रा को और भी खास बनाएगी। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत करेगा।
25 मार्च को शाम 4 बजे शोभायात्रा की शुरुआत होगी। यह यात्रा श्रीराम मंदिर, सोभासरिया विश्राम भवन से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए वापस वहीं समाप्त होगी।
शोभायात्रा का रूट इस प्रकार रहेगा:
श्रीराम मंदिर (सोभासरिया विश्राम भवन) → तापड़िया बगीची → स्टेशन रोड → जाटिया बाजार → रघुनाथ मंदिर → गोपीनाथ मंदिर → गणेश मंदिर → बजाज रोड → पुनः श्रीराम मंदिर
यह रूट शहर के प्रमुख धार्मिक और व्यावसायिक क्षेत्रों को कवर करेगा, जहां बड़ी संख्या में लोग शोभायात्रा का स्वागत करेंगे।
इस आयोजन के दौरान पर्यावरण संरक्षण का भी खास ध्यान रखा जाएगा। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि शोभायात्रा के माध्यम से ‘प्लास्टिक मुक्त भारत’ का संदेश दिया जाएगा।
इसके लिए स्वयंसेवक शोभायात्रा के अंत में चलते हुए रास्ते में फैले कचरे को साफ करते जाएंगे। यह पहल सामाजिक जिम्मेदारी का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करेगी।
राधेश्याम मोर और भंवरलाल जयसंसारिया ने बताया कि शोभायात्रा में शामिल झांकियां धार्मिक कथाओं और परंपराओं को दर्शाएंगी। सजे-धजे ऊंट, घोड़े और हाथी इस आयोजन को शाही रूप देंगे।
इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, बच्चे और आमजन शामिल होंगे, जिससे पूरा शहर भक्ति और उत्साह में डूबा नजर आएगा।
रामनवमी के दिन यानी 26 मार्च को सुबह 9 बजे से भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। इसके बाद दोपहर 11:50 बजे भगवान श्रीराम का प्राकट्य महोत्सव मनाया जाएगा।
इस अवसर पर मंदिर पूरे दिन श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा, जहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
Sikar में Ram Navami का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत का भी उत्सव है। 1100 महिलाओं की कलश यात्रा, हाथी-ऊंट-घोड़ों की मौजूदगी और जीवंत झांकियां इस शोभायात्रा को यादगार बना देंगी।
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