हवाई यात्रा: के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां British Airways की एक फ्लाइट में महिला यात्री की मौत के बाद उसका शव पूरे 13 घंटे तक विमान में ही रखा गया। यह घटना हॉन्गकॉन्ग से London जा रही फ्लाइट में हुई, जिसने यात्रियों के बीच असहजता और चिंता पैदा कर दी।
जानकारी के मुताबिक, करीब 60 वर्षीय महिला की तबीयत उड़ान के दौरान अचानक बिगड़ गई। टेकऑफ के लगभग एक घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई। फ्लाइट क्रू ने तुरंत मेडिकल सहायता देने की कोशिश की, लेकिन महिला को बचाया नहीं जा सका।
घटना के बाद पायलट के सामने सबसे बड़ा सवाल था कि फ्लाइट को बीच में डायवर्ट किया जाए या तय गंतव्य तक जारी रखा जाए। नियमों के अनुसार, हर मेडिकल स्थिति को इमरजेंसी नहीं माना जाता, इसलिए पायलट ने फ्लाइट को जारी रखने का फैसला लिया।
महिला की मौत के बाद क्रू मेंबर्स ने पहले शव को टॉयलेट में रखने पर विचार किया, लेकिन बाद में उसे कंबल में लपेटकर विमान के गैली हिस्से में रख दिया गया। गैली वह जगह होती है जहां फ्लाइट स्टाफ यात्रियों के लिए खाना-पीना तैयार करता है।
शव को विमान के पिछले हिस्से में रखा गया, जहां फर्श गर्म होने के कारण धीरे-धीरे बदबू फैलने लगी। इससे खासकर पीछे बैठे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
13 घंटे की लंबी यात्रा के दौरान बदबू और इस घटना की जानकारी से यात्रियों के बीच दहशत का माहौल बन गया। कई यात्रियों ने बाद में इस अनुभव को बेहद असहज और डरावना बताया।
हालांकि, क्रू मेंबर्स ने स्थिति को संभालने की पूरी कोशिश की और बाकी यात्रियों को कम से कम परेशानी हो, इसका ध्यान रखा।

जब फ्लाइट London पहुंची, तो पुलिस और मेडिकल टीम तुरंत विमान में पहुंची। जांच के दौरान करीब 45 मिनट तक यात्रियों को अपनी सीटों पर ही बैठाए रखा गया।
एयरलाइन ने बयान जारी कर कहा कि सभी प्रक्रियाओं और नियमों का सही तरीके से पालन किया गया है और वे मृतक महिला के परिवार के साथ हैं।
हवाई यात्रा के दौरान किसी यात्री की मौत हो जाने पर एयरलाइंस अंतरराष्ट्रीय दिशानिर्देशों का पालन करती हैं। ये नियम International Air Transport Association (IATA) द्वारा तय किए जाते हैं।
इन गाइडलाइन्स के मुताबिक:
आमतौर पर अगर स्थिति तुरंत जानलेवा खतरे वाली नहीं होती, तो फ्लाइट को अपने गंतव्य तक जारी रखा जाता है।
एविएशन नियमों के अनुसार, हर मेडिकल घटना को इमरजेंसी नहीं माना जाता। इमरजेंसी तब घोषित होती है जब विमान, यात्रियों या क्रू की जान को तत्काल खतरा हो।
जैसे:
हालांकि, किसी यात्री की मौत के बाद अक्सर फ्लाइट को जारी रखा जाता है, जैसा कि इस मामले में हुआ।
ऐसे मामलों में एयरलाइन हर बार मुआवजा देने के लिए बाध्य नहीं होती। अगर मौत प्राकृतिक कारणों से हुई है और एयरलाइन ने सभी जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया है, तो उसे जिम्मेदार नहीं माना जाता।
British Airways की इस घटना ने हवाई यात्रा के नियमों और यात्रियों के अनुभव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जहां एक ओर एयरलाइन ने नियमों का पालन करने की बात कही, वहीं दूसरी ओर यात्रियों के लिए यह सफर बेहद असहज और भयावह बन गया। यह घटना बताती है कि तकनीकी रूप से सही निर्णय भी कभी-कभी मानवीय दृष्टिकोण से कठिन महसूस हो सकते हैं।
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