जयपुर: राजस्थान की राजधानी Jaipur में ईद-उल-फितर के अवसर पर एक बार फिर ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने देशभर में भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। दिल्ली रोड स्थित Eidgah Jaipur Delhi Road में नमाज के बाद हिंदू समाज के लोगों ने मुस्लिम नमाजियों पर गुलाब की पंखुड़ियां बरसाकर ईद की मुबारकबाद दी।
यह दृश्य सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि एक मजबूत सामाजिक संदेश बनकर उभरा—कि धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन दिलों को जोड़ने वाली भावना एक ही होती है।
21 मार्च 2026 को ईद की नमाज के बाद जैसे ही नमाजी ईदगाह से बाहर निकले, छत से उन पर करीब 25 किलो गुलाब की पंखुड़ियां बरसाई गईं। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाया, “ईद मुबारक” कहा और आपसी प्रेम का इजहार किया।
यह पहल Hindu Muslim Ekta Samajik Samiti द्वारा की गई, जो पिछले कई वर्षों से इस तरह के आयोजन करती आ रही है।
इस आयोजन की शुरुआत शास्त्री नगर थाने से हुई, जहां समिति के सदस्य एकत्रित हुए। वहां हिंदू परंपरा के अनुसार तिलक लगाया गया और फिर सभी ईदगाह के लिए रवाना हुए।
यह दृश्य अपने आप में अनोखा था—जहां एक ओर हिंदू रीति-रिवाजों का पालन किया गया, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय के त्योहार में उसी सम्मान के साथ भागीदारी दिखाई गई।
समिति के संरक्षक फिरोजुद्दीन के अनुसार, यह पहल पिछले 5 वर्षों से लगातार जारी है। शुरुआत एक छोटे प्रयास के रूप में हुई थी, लेकिन आज यह जयपुर में सांप्रदायिक सौहार्द की पहचान बन चुकी है।
वे बताते हैं कि हर साल 20–25 लोग इस आयोजन में शामिल होते हैं, जिनमें अधिकतर हिंदू समुदाय के सदस्य होते हैं, जबकि मुस्लिम समाज के लोग भी इसमें सहयोग करते हैं।
इस पहल की शुरुआत 2018 में शास्त्री नगर क्षेत्र में हुए सांप्रदायिक तनाव के बाद हुई थी। उस समय कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर यह निर्णय लिया कि संवाद और मेल-जोल के जरिए ही विश्वास बहाल किया जा सकता है।
तभी से यह समिति लगातार त्योहारों के माध्यम से दोनों समुदायों को जोड़ने का काम कर रही है।
इस पहल की खास बात यह है कि यह एकतरफा नहीं है। जहां ईद पर हिंदू समाज के लोग फूल बरसाते हैं, वहीं रामनवमी जैसे अवसरों पर मुस्लिम समुदाय के लोग भी इसी तरह फूल बरसाकर स्वागत करते हैं।
यह आपसी सम्मान और साझेदारी का ऐसा उदाहरण है, जो समाज के लिए प्रेरणादायक बन गया है।
समिति केवल ईद तक सीमित नहीं है। यह होली मिलन, दीपावली मिलन और ईद मिलन जैसे कार्यक्रम भी आयोजित करती है। इन आयोजनों में 200–250 लोग शामिल होते हैं, जहां लोग एक साथ बैठकर भोजन करते हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।
इन कार्यक्रमों में समाज के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल होते हैं, जिससे यह पहल और मजबूत होती जा रही है।
समिति का मानना है कि आज के समय में युवाओं को एक-दूसरे के धर्म और संस्कृति के बारे में सही जानकारी देना बेहद जरूरी है। इसके लिए कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर ऐसे मंच बनाए जाने चाहिए, जहां संवाद और समझ को बढ़ावा मिले।
यह पहल न केवल त्योहार मनाने तक सीमित है, बल्कि सामाजिक सोच को बदलने का भी काम कर रही है।
जयपुर की ईदगाह से उठी यह पहल सिर्फ फूलों की बारिश नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने वाली खुशबू है। ऐसे समय में जब समाज में छोटी-छोटी बातों पर दूरियां बढ़ जाती हैं, यह आयोजन उम्मीद की एक नई किरण दिखाता है। यह साबित करता है कि जब नीयत साफ हो और उद्देश्य इंसानियत हो, तो धर्म की दीवारें भी पुल बन जाती हैं।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.