जयपुर: में इन दिनों रसोई गैस को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच जहां एलपीजी सप्लाई को लेकर चिंता बनी हुई है, वहीं पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) लोगों के लिए भरोसेमंद विकल्प बनकर उभर रही है। यही वजह है कि शहर में PNG कनेक्शन के लिए आवेदन तेजी से बढ़ रहे हैं।
शहर के कालवाड़ रोड, सिरसी रोड, अजमेर रोड, वैशाली नगर और झोटवाड़ा जैसे इलाकों में पहले से पाइपलाइन बिछ चुकी है। गैस सप्लाई करने वाली कंपनी के अनुसार, जयपुर में करीब 50 हजार घरों तक PNG नेटवर्क पहुंच चुका है, लेकिन इनमें से केवल 16 हजार परिवारों ने ही इसका कनेक्शन लिया है। अब बाकी लोग भी तेजी से इस सुविधा की ओर रुख कर रहे हैं।
हालिया हालातों में गैस की उपलब्धता को लेकर अनिश्चितता के चलते लोग ऐसे विकल्प की तलाश में हैं, जो निरंतर और बिना रुकावट के गैस सप्लाई दे सके। PNG इस मामले में सबसे आगे है क्योंकि यह पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचती है और सिलेंडर बुकिंग या डिलीवरी की झंझट खत्म हो जाती है।
इसके अलावा PNG को LPG से सस्ता भी माना जा रहा है। जहां एक 14.2 किलो के LPG सिलेंडर की कीमत करीब 900 रुपए से अधिक होती है, वहीं PNG में उपयोग के आधार पर बिल आता है और औसतन हर महीने 150 से 160 रुपए तक की बचत हो जाती है।
PNG की बढ़ती मांग का असर अब कनेक्शन प्रक्रिया पर भी दिखने लगा है। जिन इलाकों में पाइपलाइन पहले से मौजूद है, वहां भी नए कनेक्शन के लिए लोगों को करीब 90 दिन यानी 3 महीने तक इंतजार करना पड़ सकता है। गैस कंपनी ने भी इस बढ़ती मांग को देखते हुए कनेक्शन देने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की बात कही है।
हाल ही में केंद्र सरकार ने PNG उपभोक्ताओं को LPG रिफिल न लेने और अपने LPG कनेक्शन सरेंडर करने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जिन लोगों के पास PNG सुविधा नहीं है, उन्हें आसानी से LPG कनेक्शन मिल सके। इस फैसले के बाद भी लोगों में PNG को लेकर जागरूकता और रुचि बढ़ी है।
PNG को LPG की तुलना में अधिक सुरक्षित माना जाता है। यदि किसी कारण से गैस लीक होती है, तो PNG हवा में तेजी से फैल जाती है, जिससे बड़े हादसे की संभावना कम हो जाती है। इसके विपरीत LPG भारी गैस होने के कारण जमीन के पास जमा हो जाती है, जिससे खतरा बढ़ सकता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में शहरी इलाकों में PNG का उपयोग तेजी से बढ़ेगा। यह न केवल पर्यावरण के लिहाज से बेहतर है, बल्कि शहरी जीवनशैली के अनुरूप भी है। लगातार सप्लाई, कम लागत और सुरक्षा जैसे कारण इसे भविष्य की गैस व्यवस्था बना रहे हैं।
जयपुर में जिस तरह से लोग LPG से PNG की ओर शिफ्ट हो रहे हैं, वह इस बदलाव का साफ संकेत है। आने वाले समय में यह ट्रेंड और तेज होने की संभावना है।
जयपुर में PNG गैस की बढ़ती मांग यह दिखाती है कि लोग अब सुविधाजनक, सुरक्षित और सस्ते विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं। LPG की अनिश्चितता और बढ़ती कीमतों के बीच PNG एक स्थायी समाधान बनकर उभर रही है। यदि इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार तेजी से हुआ, तो आने वाले वर्षों में अधिकांश शहरी घरों में PNG ही मुख्य ईंधन बन सकती है।
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