जयपुर। राजस्थान में रसोई गैस उपभोक्ताओं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब ग्रामीण उपभोक्ता घरेलू LPG सिलेंडर की नई बुकिंग 45 दिन के बजाय केवल 25 दिन बाद ही कर सकेंगे। तेल कंपनियों ने हाल ही में लागू किए गए 45 दिन के प्रतिबंध को वापस लेते हुए यह नया निर्णय लिया है।
इस फैसले से उन लाखों परिवारों को राहत मिलेगी, जो पिछले कुछ दिनों से गैस की कमी और लंबी प्रतीक्षा अवधि के कारण परेशान थे।
कुछ दिन पहले गैस की अचानक बढ़ी मांग और आपूर्ति में आई बाधाओं को देखते हुए सरकार और तेल कंपनियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में LPG सिलेंडर की बुकिंग अवधि को बढ़ाकर 45 दिन कर दिया था।
इस निर्णय की जानकारी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने संसद में दी थी। इसके अनुसार, एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर 45 दिन के अंतराल के बाद ही बुक किया जा सकता था।
हालांकि, यह नियम लागू होते ही ग्रामीण इलाकों में असुविधा बढ़ गई। कई परिवारों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही थी, जिससे उन्हें वैकल्पिक ईंधन का सहारा लेना पड़ा।
तेल कंपनियों—Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum—ने स्थिति की समीक्षा के बाद 45 दिन की सीमा को हटाने का फैसला लिया है।
अब ग्रामीण उपभोक्ता भी शहरी क्षेत्रों की तरह 25 दिन बाद नई बुकिंग कर सकेंगे। इससे डिलीवरी सिस्टम पर दबाव कम होने और उपभोक्ताओं को समय पर गैस मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों और एजेंसी संचालकों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में LPG का उपयोग अपेक्षाकृत कम होता है, इसलिए वहां सामान्यतः बुकिंग एक महीने या उससे अधिक अंतराल में होती है।
लेकिन जब 45 दिन की सीमा लागू की गई, तो डिलीवरी का समय और बढ़ गया, जिससे कई उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं, शहरी क्षेत्रों में पहले से ही 25 दिन का नियम लागू था और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया।
गैस की कमी और पैनिक बुकिंग के चलते तेल कंपनियों के सर्वर पर भी दबाव बढ़ गया है। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि बुकिंग के दौरान OTP नहीं मिल रहा या सिस्टम काम नहीं कर रहा।
इस तकनीकी समस्या के कारण कई जगहों पर उपभोक्ताओं को एजेंसियों के चक्कर लगाने पड़े। हालांकि कंपनियों का कहना है कि सर्वर को अपग्रेड करने और सिस्टम को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जहां घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली है, वहीं कॉमर्शियल गैस सिलेंडर को लेकर अभी भी समस्या बनी हुई है।
ढाबा, होटल और रेस्टोरेंट जैसे व्यापारियों को अभी भी उनकी कुल खपत का केवल 20% ही सिलेंडर दिया जा रहा है। इससे छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं।
एजेंसियों को हर कॉमर्शियल उपभोक्ता की सप्लाई का विवरण कंपनियों को लिखित में देना पड़ रहा है, जिससे प्रक्रिया और जटिल हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में कई कारणों से LPG की मांग में अचानक वृद्धि हुई है—
इन सभी कारणों से सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा, जिससे यह अस्थायी नियम लागू करना पड़ा।
राजस्थान में LPG बुकिंग नियम में किया गया यह बदलाव आम लोगों के लिए राहत भरा है। 45 दिन की सीमा हटाकर 25 दिन का अंतराल लागू करने से गैस की उपलब्धता में सुधार होगा और उपभोक्ताओं की परेशानी कम होगी। हालांकि, कॉमर्शियल सेक्टर और तकनीकी समस्याओं को जल्द हल करना अभी भी जरूरी है।
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