राजस्थान: के दौसा जिले में स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ Mehandipur Balaji Temple में रामनवमी के पावन अवसर पर भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर सीताराम दरबार को अयोध्या की तर्ज पर भव्य रूप से सजाया गया और हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ राम जन्मोत्सव मनाया।
रामनवमी के अवसर पर मंदिर में भगवान राम के बालरूप रामलला का विशेष अभिषेक किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 251 किलो पंचामृत और 61 किलो चूरमे का भव्य भोग अर्पित किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा।
मंदिर के महंत Dr. Nareshpuri Maharaj ने स्वयं विधिवत पूजा-अर्चना कर भोग अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर धार्मिक अनुष्ठानों में अपनी आस्था प्रकट की।
दोपहर करीब 12:15 बजे महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों भक्त शामिल हुए। आरती के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। ढोल-नगाड़ों, शंखध्वनि और भजनों के बीच श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए।
महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया और भक्तों ने लंबी कतारों में खड़े होकर दर्शन किए। मंदिर प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था की थी।
रामनवमी के मौके पर सीताराम दरबार को बेहद आकर्षक ढंग से सजाया गया। रंग-बिरंगी एलईडी लाइट्स, फूल-मालाओं और सुंदर पर्दों से सजे मंदिर ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
गर्भगृह में विशेष झांकियां सजाई गईं, जिनमें बालरूप रामलला, हनुमानजी, केदारनाथ शिवलिंग और श्रीनाथजी की प्रतिमाएं शामिल थीं। इन झांकियों ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
पूरे दिन मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें शामिल थे:
इन आयोजनों में स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया। हर तरफ भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। मंदिर परिसर में अतिरिक्त महिला और पुरुष गार्ड तैनात किए गए थे।
प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग मार्ग बनाए गए, ताकि दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके और किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
रामनवमी के इस खास अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। कई लोग सुबह से ही मंदिर पहुंच गए थे और पूरे दिन पूजा-अर्चना में लगे रहे।
कुछ श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान राम की आराधना की, तो वहीं कई परिवार अपने बच्चों के साथ इस पावन पर्व को मनाने पहुंचे।
मेहंदीपुर बालाजी धाम में रामनवमी का उत्सव इस बार भव्यता और श्रद्धा का अद्भुत उदाहरण बना। 251 किलो पंचामृत और 61 किलो चूरमे के भोग से लेकर भव्य महाआरती और सजावट तक, हर पहलू ने इस आयोजन को खास बना दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि लोगों के बीच एकता और भक्ति का संदेश भी देता नजर आया।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.