नई दिल्ली: में शुक्रवार सुबह अचानक एक खबर ने लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी—क्या देश में फिर से लॉकडाउन लग सकता है? पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक हालात के बीच सोशल मीडिया पर ऐसी अटकलें तेज हो गईं। लेकिन कुछ ही घंटों में केंद्र सरकार ने इन सभी अफवाहों पर विराम लगा दिया।
सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रियों—किरण रिजिजू, निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह पुरी—ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है और हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं।
दरअसल, कुछ दिन पहले संसद में नरेंद्र मोदी के बयान के बाद यह चर्चा शुरू हुई। प्रधानमंत्री ने वैश्विक हालात और युद्ध जैसी स्थिति का जिक्र करते हुए कहा था कि दुनिया कठिन दौर से गुजर सकती है और हमें तैयार रहना होगा, जैसा हमने कोरोना महामारी के दौरान किया था।
इस बयान को कुछ लोगों ने संभावित लॉकडाउन से जोड़ दिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर डर का माहौल बनने लगा।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में कहा कि लॉकडाउन की बातें पूरी तरह अफवाह हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर ये अफवाहें कौन फैला रहा है और लोगों से अपील की कि वे पैनिक न करें।
रिजिजू ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री खुद स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक पूरी निगरानी की जा रही है, ताकि आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो।
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन को लेकर फैल रही खबरें पूरी तरह गलत हैं और सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है।
पुरी ने लोगों से जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील करते हुए कहा कि इस तरह की अफवाहें फैलाना और बेवजह डर पैदा करना गैर-जिम्मेदाराना है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इन खबरों को खारिज करते हुए कहा कि कोविड जैसी स्थिति दोबारा नहीं बनने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से ऐसी बातें फैला रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
सीतारमण ने भरोसा दिलाया कि देश में ईंधन या जरूरी वस्तुओं की कोई कमी नहीं होगी और सरकार पूरी तरह तैयार है।
लॉकडाउन की चर्चा को विपक्ष के कुछ बयानों ने भी हवा दी। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोविड जैसी स्थिति की बात करना लोगों को डराने जैसा है।
वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कोविड काल की कठिनाइयों का जिक्र करते हुए सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर भी चिंताएं जताई जा रही हैं। इसी संदर्भ में व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि युद्ध के परिणामों का अनुमान लगाना मुश्किल है और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।
हालांकि भारत सरकार का कहना है कि वह हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार है और देश में किसी तरह का लॉकडाउन लगाने की जरूरत नहीं है।
कुल मिलाकर, देश में लॉकडाउन को लेकर फैली खबरें सिर्फ अफवाह साबित हुई हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि हालात नियंत्रण में हैं और जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह जरूर दिखाया कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट जानकारी कितनी तेजी से डर का माहौल बना सकती है।
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