जयपुर: में एलर्जी से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की बड़ी खबर है। राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ एंड साइंसेज (RUHS) में अब एलर्जी क्लिनिक की शुरुआत कर दी गई है।
इस नई सुविधा के शुरू होने के बाद मरीजों को जांच और इलाज के लिए अब SMS अस्पताल या निजी हॉस्पिटल के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
एलर्जी क्लिनिक का उद्घाटन RUHS के वाइस चांसलर डॉ. प्रमोद येवले ने किया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस क्लिनिक के शुरू होने से मरीजों को एक ही स्थान पर एलर्जी से जुड़ी जांच और इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
डॉक्टरों का कहना है कि SMS हॉस्पिटल के बाद RUHS अब प्रदेश का दूसरा सरकारी संस्थान बन गया है, जहां एलर्जी की वैज्ञानिक और विस्तृत जांच उपलब्ध है।
RUHS के प्रिंसिपल डॉ. विनोद जोशी और अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल गुप्ता ने बताया कि देश में करीब 20 से 30 प्रतिशत लोग किसी न किसी प्रकार की एलर्जी से प्रभावित हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, एलर्जिक राइनाइटिस, अस्थमा, त्वचा संबंधी समस्याएं और फूड एलर्जी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
इसके पीछे वायु प्रदूषण, बदलती जीवनशैली, शहरीकरण, धूल-मिट्टी और पराग कणों की अधिकता जैसे कारण प्रमुख हैं।
इन वजहों से एलर्जी अब एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है।
ईएनटी विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. मोहनिश ग्रोवर ने बताया कि इस क्लिनिक में कुल 75 प्रकार के एलर्जेन की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
इनमें धूल, पराग कण (पोलन), और विभिन्न खाद्य पदार्थ शामिल हैं।
राजस्थान के पोलन कैलेंडर के अनुसार इन जांचों को तैयार किया गया है, जिससे स्थानीय मरीजों को सटीक परिणाम मिल सकें।
आम तौर पर इस तरह की जांच निजी अस्पतालों या लैब में 4 से 5 हजार रुपये तक में होती है।
लेकिन RUHS में यह सुविधा मरीजों को पूरी तरह मुफ्त दी जा रही है।
इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
अब जयपुर और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को एलर्जी की जांच के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं होगी।
एक ही जगह पर जांच और इलाज मिलने से समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
यह सुविधा खासकर उन मरीजों के लिए फायदेमंद साबित होगी, जो लंबे समय से एलर्जी की समस्या से जूझ रहे हैं।
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