राजस्थान: की राजधानी Jaipur में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 700 किलो से ज्यादा नकली पनीर जब्त किया है। यह कार्रवाई Jawahar Nagar थाना पुलिस द्वारा शनिवार को की गई। खास बात यह है कि महज 5 दिनों के भीतर यह दूसरी बड़ी छापेमारी है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि इलाके में बड़ी मात्रा में नकली पनीर सप्लाई किया जाने वाला है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए टीला नंबर-1 क्षेत्र में छापा मारा।
छापेमारी के दौरान पाया गया कि एक पिकअप वाहन (नंबर RJ 14 GL 0796) से भारी मात्रा में पनीर उतारा जा रहा था। पुलिस ने मौके से 700 किलो से ज्यादा संदिग्ध पनीर बरामद किया, जिसे बाजार में असली बताकर बेचने की तैयारी थी।
जवाहर नगर थाना प्रभारी महेशचंद्र के अनुसार, यह पनीर टीला नंबर-1 स्थित Rajesh Dairy पर पहुंचाया गया था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर डेयरी पर छापा मारा और पूरे माल को जब्त कर लिया।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों में अफरा-तफरी मच गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत खाद्य विभाग की टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने पनीर के सैंपल लेकर जांच शुरू कर दी है।
अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी करीब 5 दिन पहले इसी क्षेत्र में नकली मावा और पनीर के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
तब Quality Paneer Center पर छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में नकली घी, क्रीम और पनीर बरामद हुआ था। पनीर को छोटे-छोटे बॉक्स में बर्फ के बीच छुपाकर रखा गया था, जबकि नकली घी ड्रमों में भरा मिला था।
होली के दौरान भी इसी इलाके में करीब 250 किलो नकली मावा और पनीर पकड़ा गया था। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने इस क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी थी, जिसके चलते यह बड़ी कार्रवाई संभव हो पाई।
इस पूरी कार्रवाई में एडीसीपी आलोक सिंघल और एसीपी लक्ष्मी सुथार का सुपरविजन रहा। थाना प्रभारी महेशचंद्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया।
टीम में कॉन्स्टेबल अशोक, धर्मपाल सहित अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह नकली पनीर बाजार में असली बताकर बेचा जा रहा था। ऐसे मिलावटी उत्पाद स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक होते हैं और गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, नकली पनीर में केमिकल और निम्न गुणवत्ता के पदार्थ मिलाए जाते हैं, जो लंबे समय तक सेवन करने पर शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं।
फिलहाल पुलिस और खाद्य विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है। पनीर की गुणवत्ता और उसके स्रोत का पता लगाया जा रहा है।
जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
जयपुर में नकली पनीर की यह बड़ी खेप पकड़े जाने से एक बार फिर खाद्य सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। लगातार हो रही कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि मिलावट का नेटवर्क व्यापक स्तर पर फैला हुआ है।
ऐसे में जरूरी है कि प्रशासन सख्ती बरते और आम लोग भी सतर्क रहें, ताकि स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर लगाम लगाई जा सके।
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