देश: के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। कोलकाता से लेकर तिरुवनंतपुरम और चेन्नई तक राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। नेताओं के तीखे बयानों ने चुनावी माहौल को और भी गर्म कर दिया है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बेल्दा में आयोजित एक चुनावी सभा में भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी समाज में विभाजन पैदा कर रही है और चुनाव खत्म होते ही आम लोगों को मिलने वाली सुविधाएं बंद कर देगी।
ममता ने कहा, “बीजेपी चुनाव के बाद गैस और कैश देना बंद कर देगी। उनका मकसद सिर्फ देश को लूटना है।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी अलग-अलग वर्गों के बीच तनाव पैदा कर राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है।
वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केरल के पथानामथिट्टा में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए।
राहुल गांधी ने कहा कि “सच्चाई यह है कि नरेंद्र मोदी, डोनाल्ड ट्रम्प के दबाव में काम कर रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह मोदी अंतरराष्ट्रीय दबाव में हैं, उसी तरह वे केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को भी नियंत्रित करते हैं।
राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि केरल की लेफ्ट सरकार और बीजेपी के बीच अंदरूनी समझ है और दोनों मिलकर कांग्रेस को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
तमिलनाडु की राजनीति भी इन दिनों काफी सक्रिय है। राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने चेन्नई के कोलाथुर सीट से नामांकन दाखिल किया।
वहीं, अभिनेता से नेता बने विजय ने पेरंबूर सीट से चुनावी मैदान में उतरते हुए रोड शो किया। उनके रोड शो में भारी भीड़ देखने को मिली, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
असम में बीजेपी और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी जारी है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए, वहीं बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर सांस्कृतिक प्रतीकों के अपमान का आरोप लगाया।
पुडुचेरी में भी राजनीतिक समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं, जहां निर्दलीय उम्मीदवारों ने बड़े दलों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम और पुडुचेरी में पार्टी कार्यकर्ताओं से ‘नमो ऐप’ के जरिए संवाद किया। ‘मेरा बूथ, सबसे मजबूत’ कार्यक्रम के तहत उन्होंने कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति और जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ बनाने के निर्देश दिए।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले एक दशक में असम में शांति और विकास हुआ है और इसे बनाए रखना जरूरी है।
इस बार केरल में चुनाव के दौरान एक नई व्यवस्था भी देखने को मिल रही है। जो लोग मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच सकते, उनके लिए पोस्टल बैलेट के जरिए घर से वोटिंग की सुविधा शुरू की गई है। यह कदम बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है।
पांच राज्यों के चुनाव में राजनीतिक बयानबाजी अपने चरम पर है। सभी दल एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं और मतदाताओं को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। आने वाले दिनों में यह सियासी जंग और तेज होने की संभावना है, जिससे चुनावी नतीजों पर भी बड़ा असर पड़ सकता है।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.