चंडीगढ़: में बुधवार शाम एक बड़ा सुरक्षा अलर्ट तब जारी हुआ, जब सेक्टर-37 स्थित भारतीय जनता पार्टी के पंजाब मुख्यालय के बाहर जोरदार धमाका हुआ। इस घटना ने न सिर्फ इलाके में दहशत फैलाई, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। धमाके के बाद पार्किंग में खड़ी कई गाड़ियों के शीशे टूट गए, वहीं दफ्तर की दीवार पर 70-80 छर्रों जैसे निशान देखे गए। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति ग्रेनेड की पिन निकालकर उसे फेंकते हुए नजर आ रहा है। वीडियो में धमाके की आवाज भी साफ सुनाई देती है। यह वीडियो जांच एजेंसियों के लिए अहम सुराग बन सकता है।
घटनास्थल से करीब 10 मीटर दूर स्थित एक पेट्रोल पंप के CCTV फुटेज में भी धमाके के बाद दो बाइक सवारों को तेजी से भागते हुए देखा गया है। इन्हें ही हमलावर माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस इन संदिग्धों की पहचान और तलाश में जुटी हुई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), सेना, और चंडीगढ़ पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं। साथ ही केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL), बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे इलाके की गहन तलाशी ली जा रही है। विस्फोटक के अवशेषों को भी जांच के लिए जब्त किया गया है।
इसी बीच, एक कथित खालिस्तानी आतंकी सुखजिंदर सिंह बब्बर के नाम से सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई है, जिसमें इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। पोस्ट में उग्र और भड़काऊ बयान भी लिखे गए हैं। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और जांच एजेंसियां इसकी सत्यता की पड़ताल कर रही हैं।
चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर ने बताया कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि धमाका किस तरह के विस्फोटक से किया गया। शुरुआती जांच में यह भी आशंका जताई जा रही है कि किसी स्कूटी में क्रूड बम लगाया गया हो सकता है। जिस स्कूटी के पास धमाका हुआ, वह BJP कार्यालय में काम करने वाले एक कर्मचारी की बताई जा रही है, जिसने कहा कि उसने सुबह वाहन वहां खड़ा किया था।
घटना के बाद पूरे शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस ने नाकाबंदी कर संदिग्धों की तलाश तेज कर दी है। पंजाब पुलिस एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) को भी जांच में शामिल किया गया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। भाजपा नेताओं ने इस घटना को कायराना हरकत बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने इसे सुरक्षा और खुफिया तंत्र की विफलता बताया है।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब चंडीगढ़ जैसे संवेदनशील शहर में पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहते हैं। यहां दो राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्री रहते हैं, बावजूद इसके इस तरह का हमला होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल जांच एजेंसियां हर एंगल से मामले की जांच कर रही हैं—चाहे वह आतंकी साजिश हो, स्थानीय नेटवर्क या फिर कोई अन्य कारण। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
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