भोजपुरी इंडस्ट्री: के चर्चित सिंगर और अभिनेता Pawan Singh को एक बड़े विवाद से राहत मिल गई है। हरियाणा राज्य महिला आयोग ने हरियाणवी एक्ट्रेस Anjali Raghav से जुड़े मामले में उनका नाम हटा दिया है। यह फैसला तब आया जब अंजलि राघव ने खुद आयोग के सामने पेश होकर कहा कि अब उन्हें पवन सिंह से कोई शिकायत नहीं है।
यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पवन सिंह पर अंजलि राघव की कमर को अनुचित तरीके से छूने का आरोप लगा था। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ और विवाद ने तूल पकड़ लिया।
2 अप्रैल को Haryana State Women Commission ने फरीदाबाद में इस मामले की सुनवाई की। आयोग की चेयरपर्सन Renu Bhatia के सामने अंजलि राघव ने अपना पक्ष रखा। हालांकि, पवन सिंह इस सुनवाई में शामिल नहीं हुए।
सुनवाई के दौरान अंजलि ने साफ कहा कि वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं। उन्होंने बताया कि पवन सिंह ने पहले ही सोशल मीडिया के माध्यम से माफी मांग ली थी और उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया है।
मीडिया से बातचीत में अंजलि राघव ने कहा, “मैंने पवन सिंह के खिलाफ कोई औपचारिक शिकायत नहीं दी थी। मेरी शिकायत उन लोगों के खिलाफ थी, जिन्होंने इस घटना का वीडियो बनाकर उसे गलत तरीके से वायरल किया।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके फोटो और मोबाइल नंबर को अश्लील वेबसाइट्स पर डाल दिया, जिससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। अंजलि ने बताया कि इस घटना के बाद उन्हें लगातार धमकियां और अपमानजनक मैसेज मिलते रहे।
अंजलि राघव ने विशेष रूप से पवन सिंह की पीआर टीम के कुछ सदस्यों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि तीन लोगों ने उनके खिलाफ फर्जी और आपत्तिजनक कंटेंट सोशल मीडिया पर फैलाया। इन लोगों के नाम—संतोष सिंह यादव, आकाश और एक अन्य व्यक्ति—अब मामले में शामिल किए गए हैं।
आयोग ने स्पष्ट किया कि इन तीनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और उन्हें अगली सुनवाई में पेश होना होगा।
चेयरपर्सन Renu Bhatia ने कहा कि अंजलि राघव की सहमति के बाद पवन सिंह का नाम इस केस से हटा दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अब जांच का फोकस उन लोगों पर रहेगा, जिन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अंजलि को परेशान किया।
आयोग ने यह भी निर्देश दिया कि सभी संबंधित लोग अगली सुनवाई में उपस्थित हों। इस मामले की अगली सुनवाई 6 अप्रैल को पंचकूला में होगी।
अंजलि राघव ने यह भी बताया कि इस विवाद का असर उनके करियर पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि वह बचपन से रामलीलाओं में माता सीता का किरदार निभाती रही हैं, लेकिन इस विवाद के बाद उन्हें एक प्रमुख कार्यक्रम से हटा दिया गया।
उन्होंने आयोग से अपील की थी कि सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ चल रहे फर्जी पोस्ट और इंटरव्यू को तुरंत हटवाया जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया के दुरुपयोग और साइबर उत्पीड़न के गंभीर मुद्दे को उजागर करता है। अंजलि ने बताया कि उन्होंने साइबर पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ऐसे मामलों में यह सवाल भी उठता है कि वायरल कंटेंट और फेक न्यूज के जरिए किसी की छवि को नुकसान पहुंचाना कितना आसान हो गया है।
Pawan Singh को इस मामले में राहत मिलना एक अहम मोड़ है, लेकिन यह विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अब जांच का केंद्र उन लोगों पर है, जिन्होंने सोशल मीडिया के जरिए Anjali Raghav को परेशान किया। यह केस न सिर्फ एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री, बल्कि डिजिटल जिम्मेदारी और साइबर सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
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