राजस्थान: की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एसटी मोर्चा ने बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। इस नई सूची में कुल 76 पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। खास बात यह है कि इस बार दौसा जिले के कई नेताओं को अहम पद देकर संगठन ने क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक प्रतिनिधित्व को मजबूत करने की कोशिश की है।
प्रदेशाध्यक्ष गोपीचंद मीणा द्वारा जारी इस कार्यकारिणी में महेंद्र चांदा को प्रदेश महामंत्री नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही बृजमोहन मीणा को प्रदेश मंत्री और केदार मीणा को प्रदेश कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन नियुक्तियों को लेकर दौसा जिले में कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
नई कार्यकारिणी में दौसा जिले का दबदबा साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। महेंद्र चांदा को प्रदेश महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया जाना इस बात का संकेत है कि पार्टी उन्हें संगठन में बड़ी भूमिका देने के मूड में है।
इसके अलावा बैजूपाड़ा क्षेत्र के बृजमोहन मीणा उर्फ पप्पू झूथाहेड़ा को प्रदेश मंत्री बनाया गया है, जबकि केदार मीणा को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पद वित्तीय प्रबंधन और संगठन के संचालन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
सिर्फ शीर्ष पदों पर ही नहीं, बल्कि कार्यसमिति और अन्य पदों पर भी दौसा के कई नेताओं को जगह मिली है। टूंडाराम मीणा, विपिन मीणा घूमणा, रामजीलाल बैजवाड़ी और सुमन मीणा लालसोट को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है।
वहीं बांदीकुई की सुबोधी मीणा को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इससे साफ है कि पार्टी ने विभिन्न क्षेत्रों और वर्गों के नेताओं को संतुलित तरीके से प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है।
घोषित कार्यकारिणी में कुल 76 पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें 7 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री, 8 प्रदेश मंत्री, 19 प्रवक्ता, 22 कार्यसमिति सदस्य और 5 विशेष आमंत्रित सदस्य शामिल हैं।
इसके अलावा संगठन को मजबूत बनाने के लिए कार्यालय मंत्री, सह मंत्री, मीडिया प्रभारी, सोशल मीडिया प्रभारी और आईटी संयोजक जैसे पदों पर भी नियुक्तियां की गई हैं। यह दर्शाता है कि पार्टी डिजिटल और संगठनात्मक दोनों स्तरों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह कदम आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। एसटी मोर्चा का राजस्थान की राजनीति में खास महत्व है, क्योंकि आदिवासी वोट बैंक कई क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाता है।
नई कार्यकारिणी के जरिए पार्टी ने न केवल नए चेहरों को मौका दिया है, बल्कि अनुभवी नेताओं को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपकर संतुलन बनाने की कोशिश की है।
नई नियुक्तियों के बाद दौसा जिले में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इन नियुक्तियों का स्वागत किया है और इसे संगठन के लिए सकारात्मक कदम बताया है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे पार्टी की जमीनी पकड़ और मजबूत होगी और आने वाले समय में इसका फायदा चुनावी परिणामों में भी देखने को मिलेगा।
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