बांग्लादेश: की राजधानी के पास एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। ढाका के नजदीक स्थित केरानीगंज इलाके में गैस लाइटर बनाने वाली एक फैक्ट्री में शनिवार को भीषण आग लग गई, जिसमें कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई और लोगों में भय का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा दोपहर के समय हुआ, जब फैक्ट्री में काम चल रहा था। अचानक फैक्ट्री के अंदर आग लग गई, जो देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर गई। गैस लाइटर बनाने में इस्तेमाल होने वाले ज्वलनशील पदार्थों के कारण आग तेजी से फैल गई और पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया।
आग लगते ही फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों में भगदड़ मच गई। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन कुछ मजदूर अंदर ही फंस गए।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और नागरिक सुरक्षा की टीम मौके पर पहुंची। आग बुझाने के लिए सात दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया।
आग इतनी भीषण थी कि उसे काबू में करने में कई घंटे लग गए। दमकलकर्मियों को आग बुझाने के साथ-साथ अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान शाम तक पांच लोगों के शव बरामद किए गए। हालांकि, मृतकों की पहचान तुरंत नहीं हो सकी है।
अधिकारियों का कहना है कि आशंका है कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि फैक्ट्री के कुछ हिस्सों में अभी भी मलबा हटाने का काम जारी है।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट या ज्वलनशील पदार्थों के रिसाव की आशंका जताई जा रही है।
प्रशासन ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और विशेषज्ञों की टीम को मौके पर भेजा गया है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या फिर इसमें लापरवाही शामिल थी।
इस हादसे के बाद फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों का कहना है कि कई फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता, जिससे ऐसे हादसे होते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ज्वलनशील पदार्थों के साथ काम करने वाली इकाइयों में सुरक्षा उपायों का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। यदि समय-समय पर जांच और रखरखाव किया जाए, तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है।
बांग्लादेश में औद्योगिक इकाइयों में आग लगने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। कई बार इन हादसों में बड़ी संख्या में लोगों की जान जा चुकी है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि क्या औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों को पर्याप्त रूप से लागू किया जा रहा है या नहीं।
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि इस घटना की गहन जांच की जाएगी और अगर किसी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही, पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भी आश्वासन दिया गया है।
ढाका के पास गैस लाइटर फैक्ट्री में लगी आग ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा की खामियों को उजागर कर दिया है। पांच लोगों की मौत इस बात का संकेत है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी घातक हो सकती है। अब यह जरूरी है कि सरकार और संबंधित एजेंसियां सख्त कदम उठाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
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