राजस्थान: में सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती-2021 को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक बड़ा राजनीतिक बयान सामने आया है। Kirodi Lal Meena ने हाईकोर्ट द्वारा भर्ती रद्द करने के फैसले का खुलकर समर्थन किया है और सरकार से इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील न करने की अपील की है।
जयपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि वह शुरू से ही इस भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ थे और लगातार इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने कहा, “मैं पहले दिन से कह रहा था कि यह भर्ती रद्द होनी चाहिए। आज कोर्ट ने वही किया है, इसलिए मैं इस फैसले का स्वागत करता हूं।”
यह बयान ऐसे समय में आया है जब Rajasthan High Court की डिवीजन बेंच ने हाल ही में इस भर्ती को रद्द करने के एकलपीठ के फैसले को बरकरार रखा है। अदालत ने चयनित अभ्यर्थियों और राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर खामियां थीं।
दरअसल, 28 अगस्त 2025 को हाईकोर्ट की एकलपीठ ने SI भर्ती-2021 को रद्द कर दिया था। इसके बाद इस फैसले को चुनौती देते हुए खंडपीठ में अपील दायर की गई थी। लेकिन हाल ही में डिवीजन बेंच ने भी एकलपीठ के फैसले को सही ठहराते हुए भर्ती रद्द रखने का निर्णय दिया।
अब इस मामले में राज्य सरकार के पास सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का विकल्प बचा है। हालांकि, किरोड़ी लाल मीणा ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं सरकार से निवेदन करूंगा कि इस मामले को आगे न बढ़ाया जाए। कोर्ट का फैसला आ चुका है और इसे स्वीकार करना ही बेहतर होगा।”
इस मुद्दे पर उनका यह रुख राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह सरकार के भीतर ही अलग-अलग मतों की ओर इशारा करता है। जहां एक ओर कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट में अपील के पक्ष में हैं, वहीं किरोड़ी जैसे वरिष्ठ नेता इसके खिलाफ नजर आ रहे हैं।
इसी दौरान किरोड़ी लाल मीणा ने प्रदेश में हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान पर भी बात की। उन्होंने बताया कि फसल खराबे का आकलन करने के लिए सर्वे के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों को 33 प्रतिशत या उससे अधिक का नुकसान हुआ है, उन्हें SDRF के मानकों के अनुसार राहत दी जाएगी। सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है ताकि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा मिल सके।
SI भर्ती का मामला पिछले कुछ समय से काफी चर्चा में रहा है। इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता, परीक्षा प्रणाली और चयन प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए गए थे। अदालत ने भी अपने फैसले में इन खामियों को गंभीर माना और भर्ती को रद्द करने का निर्णय दिया।
इस फैसले का असर हजारों अभ्यर्थियों पर पड़ा है, जो इस भर्ती के माध्यम से नौकरी पाने की उम्मीद कर रहे थे। अब उनके सामने भविष्य को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बन गई है।
विशेषज्ञों का मानना है that यह फैसला सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे यह संदेश जाता है कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि राज्य सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है—क्या वह सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी या हाईकोर्ट के फैसले को स्वीकार करेगी।
SI भर्ती रद्द होने पर किरोड़ी लाल मीणा का बयान सरकार के लिए एक अहम संकेत है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपील करती है या नहीं।
All Rights Reserved & Copyright © 2015 By HP NEWS. Powered by Ui Systems Pvt. Ltd.